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काशी में संघ प्रमुख से मिले भाजपा के दिग्गज, मिशन 2019 के रोडमैप के लिए दस घंटे मंथन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:52 AM IST
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संघ प्रमुख ने साफ कहा-सत्ता से दूरी रखें अनुषांगिक संगठन
- फोटो : अमर उजाला
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पांच दिवसीय काशी प्रवास के अंतिम दिन मंगलवार को दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित समन्वय बैठक में भाजपा पदाधिकारियों को हिदायत दी गई संतुष्टों-असंतुष्टों के बीच तालमेल स्थापित करें।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से भाजपा के दिग्गज नेताओं की वार्ता मंगलवार को समन्वय बैठक में हुई। भाजपा सहित अन्य अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ करीब दस घंटे चली बैठक में मिशन 2019 के लिए बिंदुवार मंथन के बाद रोडमैप तैयार किया गया है।
संघ प्रमुख ने इसके लिए सभी संगठनों को दायित्व भी सौंप दिए हैं। स्पष्ट संदेश दिया गया कि जिस काम के लिए उनका निर्माण हुआ है और जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, परिणाम मिलने तक उस पर कार्य करें। यह भी कहा कि सत्ता से जुड़े लोगों से दूरी रखें। सत्ता का काम सत्ता वालों को ही करने दें। संगठन को सामाजिक व्यवस्थाओं में सकारात्मक परिवर्तन करने के अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होना है।
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पांच दिवसीय काशी प्रवास के अंतिम दिन मंगलवार को दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित समन्वय बैठक में भाजपा पदाधिकारियों को हिदायत दी गई संतुष्टों-असंतुष्टों के बीच तालमेल स्थापित करें।कहा गया, संगठन चुनाव तक सीमित नहीं रहता है। सत्ता मजा लेने और टिकट बंटवारे के लिए ही नहीं है।
सत्ता इसलिए मिली है कि खुद को जनता के बीच जाकर बताएं कि हम क्या हैं? और अब तक क्या किया है? राजनीतिक संगठन का अर्थ केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि सामान्य मानविकी के जीवन की असुविधाओं को दूर करना है।
इसलिए संगठन पदाधिकारियों का दायित्व बनता है केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं। इसे लालफीताशाही से बचाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि इस काम में बाधा बनने वालों को, भले ही वे कोई हों, छोड़ा नहीं जाएगा।
बैठक में बताया गया कि संघ सामाजिक समरसता, सर्वसमावेशी विकास और समाज में सामान्य मानविकी जीवन के चिंतन के लिए सतत प्रयास कर रहा है। समस्याओं को भी देख रहा है। विकास में राजनीति का कोई स्थान नहीं है।
युवाओं के देश भारत में संघ विकास की उस बुनियाद को खड़ा करना चाहता है, जिसका उदाहरण वैश्विक जगत कभी भी और कहीं भी दिया जा सके। यह क्षमता केवल और केवल भारत में है।
बैठक में यतेंद्र कुमार, मनोज कांत, ओमपाल सिंह, अंगद सिंह, लाल बहादुर सिंह, मिथिलेश नारायण, कुंवर बहादुर, विरेंद्र पराक्रमादित्य, राम कुमार वर्मा, विरेंद्र जायसवाल, शिवनारायण, भाजपा से राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल, प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री रत्नाकर के अलावा काशी, गोरक्ष, अवध और कानपुर प्रांत के 300 कार्यकर्ता शामिल रहे।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से भाजपा के दिग्गज नेताओं की वार्ता मंगलवार को समन्वय बैठक में हुई। भाजपा सहित अन्य अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ करीब दस घंटे चली बैठक में मिशन 2019 के लिए बिंदुवार मंथन के बाद रोडमैप तैयार किया गया है।
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संघ प्रमुख ने इसके लिए सभी संगठनों को दायित्व भी सौंप दिए हैं। स्पष्ट संदेश दिया गया कि जिस काम के लिए उनका निर्माण हुआ है और जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, परिणाम मिलने तक उस पर कार्य करें। यह भी कहा कि सत्ता से जुड़े लोगों से दूरी रखें। सत्ता का काम सत्ता वालों को ही करने दें। संगठन को सामाजिक व्यवस्थाओं में सकारात्मक परिवर्तन करने के अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होना है।
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पांच दिवसीय काशी प्रवास के अंतिम दिन मंगलवार को दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित समन्वय बैठक में भाजपा पदाधिकारियों को हिदायत दी गई संतुष्टों-असंतुष्टों के बीच तालमेल स्थापित करें।कहा गया, संगठन चुनाव तक सीमित नहीं रहता है। सत्ता मजा लेने और टिकट बंटवारे के लिए ही नहीं है।
सत्ता इसलिए मिली है कि खुद को जनता के बीच जाकर बताएं कि हम क्या हैं? और अब तक क्या किया है? राजनीतिक संगठन का अर्थ केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि सामान्य मानविकी के जीवन की असुविधाओं को दूर करना है।
इसलिए संगठन पदाधिकारियों का दायित्व बनता है केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं। इसे लालफीताशाही से बचाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि इस काम में बाधा बनने वालों को, भले ही वे कोई हों, छोड़ा नहीं जाएगा।
बैठक में बताया गया कि संघ सामाजिक समरसता, सर्वसमावेशी विकास और समाज में सामान्य मानविकी जीवन के चिंतन के लिए सतत प्रयास कर रहा है। समस्याओं को भी देख रहा है। विकास में राजनीति का कोई स्थान नहीं है।
युवाओं के देश भारत में संघ विकास की उस बुनियाद को खड़ा करना चाहता है, जिसका उदाहरण वैश्विक जगत कभी भी और कहीं भी दिया जा सके। यह क्षमता केवल और केवल भारत में है।
बैठक में यतेंद्र कुमार, मनोज कांत, ओमपाल सिंह, अंगद सिंह, लाल बहादुर सिंह, मिथिलेश नारायण, कुंवर बहादुर, विरेंद्र पराक्रमादित्य, राम कुमार वर्मा, विरेंद्र जायसवाल, शिवनारायण, भाजपा से राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल, प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री रत्नाकर के अलावा काशी, गोरक्ष, अवध और कानपुर प्रांत के 300 कार्यकर्ता शामिल रहे।
संघ में अहम का कोई स्थान नहीं
संघ प्रमुख ने अनुशासन का पाठ पढ़ाया
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत ने पदाधिकारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। स्पष्ट तौर पर समझाया कि संगठन में अहम का कोई स्थान नहीं है। संघ को स्वयंसेवकों का समर्पण ही चलाएगा।
संघ के स्वयंसेवकों के लिए मान-अपमान, सुख-दुख, यश-अपयश से परे रहकर अपने ध्येय को प्राप्त करना ही परम कर्तव्य है। हम सब मंत्र समान हैं। संगठन समान हैं। मन, बुद्धि, चित्त और उद्देश्य समान हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता के बैठक के आखिरी दिन मंगलवार का बड़ा लालपुर के दीनदयाल हस्तकला संकुल में संघ प्रमुख ने अनुषांगिक संगठनों के क्षेत्रीय और प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक में कहा कि हमारा स्वयंसेवकत्व और हमारी संघ यात्रा सतत चलती रहती है।
हम संघ में आए, यह अच्छी बात है। इससे भी अच्छा है कि संघ हम सब में आए। संगठन में दायित्व आवश्यकता के अनुसार बदलते रहते हैं। तृतीय सर संघ चालक बाला साहेब देवरस की चर्चा करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि कक्षा आठ में पढ़ते हुए वह स्वयंसेवक बने थे। उन्होंने अपने प्रभाव से कुरीतियों का प्रतिकार किया था।
संघ प्रमुख ने कहा, स्वयंसेवक होने के नाते आत्मीयता, प्रेम, भक्ति, श्रद्धा आदि सदगुण बढ़ाते रहना चाहिए। नाम, रूप, गुण रहित आत्मीय संबंधों के आधार पर अपने संगठनों का विस्तार करना होगा। विवेकपूर्ण ढंग से कर्तव्य का बोध करना और सामाजिक जीवन में सुधारात्मक प्रयास करते रहना है।
स्वयंसेवक अपने घर परिवार से लेकर समाज में संघ संस्कारों के प्रभाव को स्थापित करने का प्रयास करें। संघ के कार्य क्रांतिकारी प्रयास नहीं है। धीरे-धीरे प्रभाव से व्यवस्था परिवर्तन करना है।
संघ के स्वयंसेवकों के लिए मान-अपमान, सुख-दुख, यश-अपयश से परे रहकर अपने ध्येय को प्राप्त करना ही परम कर्तव्य है। हम सब मंत्र समान हैं। संगठन समान हैं। मन, बुद्धि, चित्त और उद्देश्य समान हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता के बैठक के आखिरी दिन मंगलवार का बड़ा लालपुर के दीनदयाल हस्तकला संकुल में संघ प्रमुख ने अनुषांगिक संगठनों के क्षेत्रीय और प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक में कहा कि हमारा स्वयंसेवकत्व और हमारी संघ यात्रा सतत चलती रहती है।
हम संघ में आए, यह अच्छी बात है। इससे भी अच्छा है कि संघ हम सब में आए। संगठन में दायित्व आवश्यकता के अनुसार बदलते रहते हैं। तृतीय सर संघ चालक बाला साहेब देवरस की चर्चा करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि कक्षा आठ में पढ़ते हुए वह स्वयंसेवक बने थे। उन्होंने अपने प्रभाव से कुरीतियों का प्रतिकार किया था।
संघ प्रमुख ने कहा, स्वयंसेवक होने के नाते आत्मीयता, प्रेम, भक्ति, श्रद्धा आदि सदगुण बढ़ाते रहना चाहिए। नाम, रूप, गुण रहित आत्मीय संबंधों के आधार पर अपने संगठनों का विस्तार करना होगा। विवेकपूर्ण ढंग से कर्तव्य का बोध करना और सामाजिक जीवन में सुधारात्मक प्रयास करते रहना है।
स्वयंसेवक अपने घर परिवार से लेकर समाज में संघ संस्कारों के प्रभाव को स्थापित करने का प्रयास करें। संघ के कार्य क्रांतिकारी प्रयास नहीं है। धीरे-धीरे प्रभाव से व्यवस्था परिवर्तन करना है।
देर से पहुंचने वाले पदाधिकारियों को मिली डांट
अनुषांगिक संगठनों संग समन्वय बैठक
- फोटो : अमर उजाला
संघ प्रमुख ने कहा, बाहर का अंधकार हमारे मन में न आए। इसके लिए हम सभी स्वयंसेवक संघ पर अगाध श्रद्धा बनाए रखते हुए ध्येय मार्ग पर आगे बढ़ते चलें। संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की चर्चा करते हुए कहा कि उनके पास कुछ नहीं था। दरिद्रता और घोर अभावग्रस्त जीवन था। संघ पर अविचल श्रद्धा थी कि एक न एक दिन अजेय संगठित कार्य शक्ति स्थापित होकर रहेगी। वह आज साकार रूप ले चुका है। श्रद्धा कवच के रूप में हमारे स्वयंसेवकत्व की रक्षा करती है।
समन्वय बैठक के लिए सुबह आठ बजे से ही पदाधिकारी आने लगे थे। सुबह नौ बजे से शुरू होने वाली बैठक में अधिकतर लोग पहुंच गए। कुछ पदाधिकारी नौ बजे के बाद बैठक में पहुंचे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास यहां पहुंचे। शाम छह बजे तक चली बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। सूत्रों की मानें तो देर से पहुंचने वालों को डांट पड़ी।
समन्वय बैठक के लिए सुबह आठ बजे से ही पदाधिकारी आने लगे थे। सुबह नौ बजे से शुरू होने वाली बैठक में अधिकतर लोग पहुंच गए। कुछ पदाधिकारी नौ बजे के बाद बैठक में पहुंचे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास यहां पहुंचे। शाम छह बजे तक चली बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। सूत्रों की मानें तो देर से पहुंचने वालों को डांट पड़ी।