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पीएम के संसदीय क्षेत्र में भाजपा चित
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 03 Nov 2015 02:41 AM IST
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पंचायत चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की हार से पार्टी के रणनीतिकार चिंतित हैं।
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इतना ही नहीं पीएम के गोद लिए आदर्श गांव जयापुर के मतदाताओं ने भी जिला पंचायत सदस्य पद पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार अरुण सिंह ‘रिंकू’ को नकार दिया।
जयापुर आराजीलाइन ब्लॉक के सेक्टर नंबर पांच में आता है। यहां से बसपा समर्थित उम्मीदवार रमेश तिवारी उर्फ गुड्डू ने लगभग 2114 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। अरुण को 3739 और रमेश को 5853 वोट मिले।
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मोदी के संसदीय क्षेत्र में भाजपा भी बसपा ने पटखनी दी है वहीं उधर मुलायम के गढ़ में में सपा समर्थित उम्मीदवार को बसपा समर्थित उम्मीदवार शिमला देवी ने 13000 से अधिक मतों से हराया वहीं। सोमवार को घोषित परिणामों के मुताबिक जिला पंचायत की कुल 48 में से मात्र नौ सीटों पर ही भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते हैं।
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जबकि 22 से अधिक सीटों पर सपा समर्थित प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया है। भगवा ब्रिगेड की यह दुर्गति तब हुई है जब पार्टी पूरे दमखम से इस चुनाव में उतरी थी।
पार्टी के निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी पंचायत चुनाव में भाजपा को भारी पड़ी। कई सीटों पर बागी उम्मीदवार पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की हार की वजह बने।
पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी होने के साथ बगावत का सुर बुलंद हो गया था। यही नहीं टिकट बंटवारे से नाराज लोगों ने पीएम के जनसंपर्क कार्यालय पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का घेराव भी किया था।
उस वक्त डॉ. वाजपेयी ने कहा था कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। नाराज लोगों को मना लिया जाएगा। जब बागी मैदान में उतरे तो संगठन ने उन्हें मनाने की जगह पार्टी से निलंबन और बर्खास्तगी का चाबुक चलाया। बात बनने की बजाय बिगड़ गई।