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आलीशान मकान मगर बिन पानी सब सून
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 29 Aug 2016 01:07 AM IST
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बाढ़
गंगा का जलस्तर तो कम होना शुरू हो गया लेकिन बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों की दुश्वारियां कम होती नहीं दिख रही हैं। सामनेघाट क्षेत्र की कॉलोनियों में बाढ़ के पानी में फंसे हजारों लोग साफ पानी के लिए तरस गए हैं। मकान आलीशान लेकिन बाढ़ ने हालात ऐसे कर दिए हैं कि न पीने को पानी मयस्सर न नहाने को। राहत सामग्री बांटने जा रहे लोगों से पेयजल मुहैया कराने के लिए आरजू-मिन्नत की जा रही है। पानी की बोतल लेने के लिए लोग एनडीआरएफ की बोट पर टूट पड़ रहे हैं। घरों के भूतल और गलियों-सड़कों पर बाढ़ का पानी जमा होने की वजह से करीब दस दिनों से इन कॉलोनियों में बिजली नहीं है। इससे पेयजल का संकट और गहरा गया है।
सामनेघाट क्षेत्र के कृष्णा नगर, पटेल नगर, सत्यम नगर, बालाजी नगर, सत्संग नगर समेत करीब एक दर्जन कॉलोनियों में अब भी पानी भरा हुआ है। प्रथम तल डूबने की वजह से लोग दूसरी मंजिल और छतों पर डेरा डाले हैं। अमर उजाला टीम रविवार को एनडीआरएफ जवानों के साथ बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंची। एक अन्य बोट पर अवधूत फाउंडेशन के लोग भी थे। बोट देखते ही छतों पर मौजूद लोग रस्सी के सहारे बाल्टी नीचे लटका दे रहे थे। खाद्य पदार्थ के साथ लोगों की सबसे ज्यादा मांग साफ पानी की थी। आलीशान मकान में रहने वाले लोग पेयजल के लिए जवानों से विनती कर रहे थे। उनका कहना था कि घर में खाने की चीजें तो हैं लेकिन पानी के बिना सब बेकार है।
हफ्ते भर से लोगों ने नहाया नहीं। मुख्य मार्ग के करीब रहने वाले तो पानी कम होने के बाद बाजार से पानी खरीद कर काम चला रहे हैं लेकिन पिछले इलाकों में फंसे लोग अब भी परेशान हैं। पटेल नगर कॉलोनी में रहने वाले कमलेश का कहना है कि पेयजल का संकट बढ़ गया है। ममता ने कहा कि आलीशान मकान और सारी सुविधाएं पानी के बिना बेकार लगती हैं। पानी उतरने के बाद बिजली आए तो समस्या दूर हो। बहरहाल एनडीआरएफ टीम के इंस्पेक्टर मनीष सोनी, सुग्रीव, एसआई पुष्पराज, मुकेश समेत जवान बाढ़ पीड़ितों के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं। प्रभावित कॉलोनियों में राहत-सहायता का उनका अभियान बिना रुके, बिना थके जारी है।
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सामनेघाट क्षेत्र के कृष्णा नगर, पटेल नगर, सत्यम नगर, बालाजी नगर, सत्संग नगर समेत करीब एक दर्जन कॉलोनियों में अब भी पानी भरा हुआ है। प्रथम तल डूबने की वजह से लोग दूसरी मंजिल और छतों पर डेरा डाले हैं। अमर उजाला टीम रविवार को एनडीआरएफ जवानों के साथ बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंची। एक अन्य बोट पर अवधूत फाउंडेशन के लोग भी थे। बोट देखते ही छतों पर मौजूद लोग रस्सी के सहारे बाल्टी नीचे लटका दे रहे थे। खाद्य पदार्थ के साथ लोगों की सबसे ज्यादा मांग साफ पानी की थी। आलीशान मकान में रहने वाले लोग पेयजल के लिए जवानों से विनती कर रहे थे। उनका कहना था कि घर में खाने की चीजें तो हैं लेकिन पानी के बिना सब बेकार है।
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हफ्ते भर से लोगों ने नहाया नहीं। मुख्य मार्ग के करीब रहने वाले तो पानी कम होने के बाद बाजार से पानी खरीद कर काम चला रहे हैं लेकिन पिछले इलाकों में फंसे लोग अब भी परेशान हैं। पटेल नगर कॉलोनी में रहने वाले कमलेश का कहना है कि पेयजल का संकट बढ़ गया है। ममता ने कहा कि आलीशान मकान और सारी सुविधाएं पानी के बिना बेकार लगती हैं। पानी उतरने के बाद बिजली आए तो समस्या दूर हो। बहरहाल एनडीआरएफ टीम के इंस्पेक्टर मनीष सोनी, सुग्रीव, एसआई पुष्पराज, मुकेश समेत जवान बाढ़ पीड़ितों के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं। प्रभावित कॉलोनियों में राहत-सहायता का उनका अभियान बिना रुके, बिना थके जारी है।
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