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मच्छोदरी बिजली संकट की जांच करेंगी एमडी अपर्णा यू
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वाराणसी। 33/11 केवी मच्छोदरी उपकेंद्र के लिए 132 केवी उपकेंद्र लेढ़ूपुर से बिछाए गए 33 केवी के इनकमिंग मेन व स्पेयर केबल में फॉल्ट को लेकर नए सिरे से उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आलोक कुमार ने कॉरपोरेशन की ही एमडी अपर्णा यू को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच के दायरे में वाराणसी क्षेत्र के पूर्व मुख्य अभियंता शैलेंद्र कुमार भी आएंगे। जबकि अन्य चार क्षेत्रीय अभियंताओं के खिलाफ भी जांच होगी। जिनके खिलाफ पूर्व में पूर्वांचल डिस्काम के एमडी गोविंद राजू एनएस ने कार्रवाई की थी।
मुख्य इनकमिंग केबल के अलावा स्टैंडबाइ केबल को लेकर लापरवाही बरतने के कारण ही 23 से 25 जुलाई तक मच्छोदरी उपकेंद्र से जुड़ी बड़ी आबादी को बिजली संकट झेलना पड़ा था। इसकी शुरूआती जांच के लिए 23 जुलाई को ही चेयरमैन के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति यहां आई थी। मुख्यालय से मुख्य अभियंता हर्षमुंशी के नेतृत्व में आई समिति ने जांच की थी। जांच के दायरे में मच्छोदरी उपकेंद्र के पूर्व 33/11 केवी लेढ़ूपुर उपकेंद्र पर भी लगी आग की घटना में घंटों ठप रही आपूर्ति को भी ली गई थी।
समिति ने पॉवर कॉरपोरेशन को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। समिति ने क्षेत्रीय अभियंताओं को बिजली संकट के लिए दोषी माना था। इस जांच के बाद पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के निर्देश पर पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी गोविंद राजू एनएस ने वेसू द्वितीय के नगर विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार सिंह को मुख्यालय संबद्ध कर दिया। एसडीओ एसपी सिंह, दो अवर अभियंताओं बाबूनंदन और गुलाब को चार्जशीट दी गई। अब चेयरमैन की ओर से इस मामले की फि र से जांच कराई जा रही है। इस दायरे में पूर्व मुख्य अभियंता शैलेंद्र कुमार भी आ गए हैं।
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शैलेंद्र कुमार सेवानिवृत्त हो गए हैं, बावजूद जांच के दायरे में आएंगे। एमडी गोविंद राजू एनएस ने बताया कि जांच के दायरे में पूर्व मुख्य अभियंता भी हैं। इस कारण कारपोरेशन स्तर से जांच की जा रही है। उधर, चर्चा है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी विभागीय लापरवाही की रिपोर्ट शासन तक पहुंचाई थी। इस कारण दोबारा जांच बैठाई गई है। उन्होंने बताया कि वहीं दूसरी तरफ दो दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर से तेल बेचने के आरोप में बस्ती जिले के एक जेई को निलंबित कर दिया गया है।
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मुख्य इनकमिंग केबल के अलावा स्टैंडबाइ केबल को लेकर लापरवाही बरतने के कारण ही 23 से 25 जुलाई तक मच्छोदरी उपकेंद्र से जुड़ी बड़ी आबादी को बिजली संकट झेलना पड़ा था। इसकी शुरूआती जांच के लिए 23 जुलाई को ही चेयरमैन के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति यहां आई थी। मुख्यालय से मुख्य अभियंता हर्षमुंशी के नेतृत्व में आई समिति ने जांच की थी। जांच के दायरे में मच्छोदरी उपकेंद्र के पूर्व 33/11 केवी लेढ़ूपुर उपकेंद्र पर भी लगी आग की घटना में घंटों ठप रही आपूर्ति को भी ली गई थी।
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समिति ने पॉवर कॉरपोरेशन को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। समिति ने क्षेत्रीय अभियंताओं को बिजली संकट के लिए दोषी माना था। इस जांच के बाद पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के निर्देश पर पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी गोविंद राजू एनएस ने वेसू द्वितीय के नगर विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार सिंह को मुख्यालय संबद्ध कर दिया। एसडीओ एसपी सिंह, दो अवर अभियंताओं बाबूनंदन और गुलाब को चार्जशीट दी गई। अब चेयरमैन की ओर से इस मामले की फि र से जांच कराई जा रही है। इस दायरे में पूर्व मुख्य अभियंता शैलेंद्र कुमार भी आ गए हैं।
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शैलेंद्र कुमार सेवानिवृत्त हो गए हैं, बावजूद जांच के दायरे में आएंगे। एमडी गोविंद राजू एनएस ने बताया कि जांच के दायरे में पूर्व मुख्य अभियंता भी हैं। इस कारण कारपोरेशन स्तर से जांच की जा रही है। उधर, चर्चा है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी विभागीय लापरवाही की रिपोर्ट शासन तक पहुंचाई थी। इस कारण दोबारा जांच बैठाई गई है। उन्होंने बताया कि वहीं दूसरी तरफ दो दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर से तेल बेचने के आरोप में बस्ती जिले के एक जेई को निलंबित कर दिया गया है।