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एमडी की पाठशाला में कमजोर निकले एसडीओ
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प्रयागराज, राबर्ट्सगंज, मिर्जापुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीर नगर, चंदौली, कुशीनगर, महराजगंज, जौनपुर, भदोही, फ तेहपुर, गजीपुर व जौनपुर के 50 एसडीओ को बुलाया गया था।
फोटो
एमडी की पाठशाला में कमजोर निकले एसडीओ
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की एमडी की कार्यशाला
पूर्वांचल के 15 जिलों के 50 एसडीओ को बांटे प्रश्न पत्र
मात्र नौ प्रतिशत टर्न अप होने वाले एसडीओ को बुलाया
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की एमडी अपर्णा यू ने सोमवार को भिखारीपुर स्थित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया। एमडी की पाठशाला में एसडीओ कमजोर निकल गए। कारपोरेशन ने पाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 50 उपखंड ऐसे हैं जहां बिजली की बिलिंग और राजस्व वसूली का टर्न अप मात्र नौ प्रतिशत है। 91 प्रतिशत टर्नअप नहीं होने के कारण 100 में से 91 उपभोक्ता बिजली की पैसा जमा नहीं कर रहे हैं।
बैठक में एमडी ने एसडीओ मेजा से पूछा कि आपके क्षेत्र में उपभोक्ता कितने हैं। इस पर वे कोई जवाब नहीं दे पाए। एसडीओ मिर्जापुर से मीटर रीडिंग के बारे में पूछा तो वे भी कुछ बता नहीं सके। पावर कारपोरेशन की एमडी ने 50 उपखंड अधिकारियों को एक पेपर दिया और 27 प्रश्नों को 30 मिनट में हल करने को कहा। अधिकतर एसडीओ 50 प्रतिशत जवाब दे पाए।
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एमडी ने कहा कि गांव में छह माह और शहर में तीन माह के ऊपर के बकाएदारों के कनेक्शन काटने हैं। साथ ही कैंप लगाकर विवादित बिलों को संशोधित करने को कहा। साथ ही सभी को चोरी पकड़ने के लिए फोटो और वीडियोग्राफी, चेकिंग रिपोर्ट पर उपभोक्ता के हस्ताक्षर लेने, 10 किलोवाट के ऊपर के उपभोक्ताओं की बिलिंग केडब्ल्यूएच के बजाय केवीएएच से कराने की सलाह दी। कार्यशाला में डिस्काम के प्रयागराज, राबर्ट्सगंज, मिर्जापुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीर नगर, चंदौली, कुशीनगर, महराजगंज, जौनपुर, भदोही, फ तेहपुर, गजीपुर व जौनपुर के 50 एसडीओ को बुलाया गया था। कार्यशाला में डिस्काम के एमडी गोविंद राजू एनएस, तकनीकी निदेशक अंशुल अग्रवाल, आरके जैन, जेके सिंह, एआर वर्मा, एके श्रीवास्तव, एसबी वर्मा, एसके वर्मा, राकेश सिन्हा आदि शामिल रहे।
इनसेट
एसडीओ से पूछे गए सवाल
पिछले वर्ष का एटीएंडसी लॉस कितना था और उसकी गणना कैसे की जाती है।
बिलिंग एफ ीशिएंसी की गणना कैसे की जाती है।
थ्रू रेट क्या है, बिलिंग बढ़ाने के उपाय, उपखंड का मासिक व प्रोग्रेसिव टर्नअप क्या है।
उपखंड का लक्ष्य क्या है, विद्युत चोरी रोकने के क्या उपाय हैं।
मीटर एमआरआई क्या है, लोड फैक्टर क्या है, केवीएएच बिलिंग के लाभ।
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प्रयागराज, राबर्ट्सगंज, मिर्जापुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीर नगर, चंदौली, कुशीनगर, महराजगंज, जौनपुर, भदोही, फ तेहपुर, गजीपुर व जौनपुर के 50 एसडीओ को बुलाया गया था।
फोटो
एमडी की पाठशाला में कमजोर निकले एसडीओ
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की एमडी की कार्यशाला
पूर्वांचल के 15 जिलों के 50 एसडीओ को बांटे प्रश्न पत्र
मात्र नौ प्रतिशत टर्न अप होने वाले एसडीओ को बुलाया
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की एमडी अपर्णा यू ने सोमवार को भिखारीपुर स्थित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया। एमडी की पाठशाला में एसडीओ कमजोर निकल गए। कारपोरेशन ने पाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 50 उपखंड ऐसे हैं जहां बिजली की बिलिंग और राजस्व वसूली का टर्न अप मात्र नौ प्रतिशत है। 91 प्रतिशत टर्नअप नहीं होने के कारण 100 में से 91 उपभोक्ता बिजली की पैसा जमा नहीं कर रहे हैं।
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बैठक में एमडी ने एसडीओ मेजा से पूछा कि आपके क्षेत्र में उपभोक्ता कितने हैं। इस पर वे कोई जवाब नहीं दे पाए। एसडीओ मिर्जापुर से मीटर रीडिंग के बारे में पूछा तो वे भी कुछ बता नहीं सके। पावर कारपोरेशन की एमडी ने 50 उपखंड अधिकारियों को एक पेपर दिया और 27 प्रश्नों को 30 मिनट में हल करने को कहा। अधिकतर एसडीओ 50 प्रतिशत जवाब दे पाए।
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एमडी ने कहा कि गांव में छह माह और शहर में तीन माह के ऊपर के बकाएदारों के कनेक्शन काटने हैं। साथ ही कैंप लगाकर विवादित बिलों को संशोधित करने को कहा। साथ ही सभी को चोरी पकड़ने के लिए फोटो और वीडियोग्राफी, चेकिंग रिपोर्ट पर उपभोक्ता के हस्ताक्षर लेने, 10 किलोवाट के ऊपर के उपभोक्ताओं की बिलिंग केडब्ल्यूएच के बजाय केवीएएच से कराने की सलाह दी। कार्यशाला में डिस्काम के प्रयागराज, राबर्ट्सगंज, मिर्जापुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीर नगर, चंदौली, कुशीनगर, महराजगंज, जौनपुर, भदोही, फ तेहपुर, गजीपुर व जौनपुर के 50 एसडीओ को बुलाया गया था। कार्यशाला में डिस्काम के एमडी गोविंद राजू एनएस, तकनीकी निदेशक अंशुल अग्रवाल, आरके जैन, जेके सिंह, एआर वर्मा, एके श्रीवास्तव, एसबी वर्मा, एसके वर्मा, राकेश सिन्हा आदि शामिल रहे।
इनसेट
एसडीओ से पूछे गए सवाल
पिछले वर्ष का एटीएंडसी लॉस कितना था और उसकी गणना कैसे की जाती है।
बिलिंग एफ ीशिएंसी की गणना कैसे की जाती है।
थ्रू रेट क्या है, बिलिंग बढ़ाने के उपाय, उपखंड का मासिक व प्रोग्रेसिव टर्नअप क्या है।
उपखंड का लक्ष्य क्या है, विद्युत चोरी रोकने के क्या उपाय हैं।
मीटर एमआरआई क्या है, लोड फैक्टर क्या है, केवीएएच बिलिंग के लाभ।