बड़ा खुलासा! सीएए के विरोध-प्रदर्शन के लिए कई प्रदेशों से हुई अवैध फंडिंग
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देश के साथ पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी सीएए और एनआरसी के विरोध में काफी उग्र प्रदर्शन हुए और कहना गलत नहीं होगा कि विरोध प्रदर्शन की आग अभी बुझी नहीं है और भड़क ही रही है। ऐसे में जिला प्रशासन को खुफिया इनपुट मिला है कि सीएए और एनआरसी के विरोध में धरना-प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले शहर के कुछ चिह्नित लोगों के बैंक खातों में दूसरे प्रदेशों से पैसा जमा किया गया है। यह धनराशि लाखों में है।
कहा गया है कि पैसे का इस्तेमाल प्रदर्शन और उसमें शामिल होने वाले लोगों के लिए करें। इस संबंध में डीएम ने कहा कि ऐसे सभी लोगों और उनके करीबियों के बैंक खातों की जांच कराई जाएगी। यदि अनधिकृत तरीके से पैसा जमा होने की पुष्टि हुई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूरी तैयारी कर महिलाओं को भेजा गया बेनियाबाग
महिलाओं के धरने से पहले ही पूरी रणनीति बना ली गई थी। व्हाट्सएप पर मेसेज भेजे गए थे। अच्छीखासी संख्या में लोग मैदान के चौतरफा खड़े होकर धरना दे रही महिलाओं और पुलिस की गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। इसीलिए महिलाओं को पुलिस उठाने लगी तो बाहर मौजूद भीड़ मैदान की ओर दौड़ी। पुलिस ने लाठी लेकर खदेड़ा तो आसपास की दुकानों के शटर गिर गए। साथ ही, बेनिया से नई सड़क मार्ग पर तमाशबीनों की भीड़ एकत्र हो गई। माहौल सामान्य हुआ तब दुकानें खुलीं।
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हमें शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठने का अधिकार
धरना देने आईं महिलाओं और पुरुषों का कहना था कि हमें शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने का अधिकार है। पुलिस अधिकारियों ने जब अनुमति लेने की बात कही तो महिलाओं का कहना था कि आप लोग नहीं देते। इसे लेकर उनके बीच नोकझोंक हुईं।
सीएए का विरोध करने वाले बुरे फंसेंगे
सीएए और एनआरसी के विरोध में शहर में पहले हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों को भी पुलिस की ओर से दंड प्रक्रिया संहिता के तहत नोटिस जारी कर पाबंद किया जाएगा। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि जिन लोगों को नोटिस दी जाएगी उन्हें आगाह किया जाएगा कि बगैर अनुमति के आयोजित किसी धरना-प्रदर्शन में शामिल न हों। अगर उन चिह्नित लोगों का नाम सामने आएगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा है कि वीडीए और नगर निगम सहित अन्य सरकारी विभाग अपने पार्कों और मैदानों की निगरानी कराएं। सुबह घूमने-फिरने, खेलने वालों के अलावा अनधिकृत लोगों को प्रवेश न करने दें। पार्कों और मैदानों में जो कोई धरना-प्रदर्शन करने की कोशिश करे, उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।