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BHU: भारतीय उरांव और पाकिस्तानी ब्राहुई लोगों के बीच डीएनए समानता नहीं, वैज्ञानिकों की शोध में सामने आई ये बात

Fri, 07 Mar 2025 12:41 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Fri, 07 Mar 2025 12:41 PM IST
सार

बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट और ढाका विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की शोध में पाया गया कि भारतीय उरांव और पाकिस्तानी ब्राहुई लोगों के बीच डीएनए समानता नहीं है। 

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BHU Zoology Department and Dhaka University Research on DNA of Indian Oraons and Pakistani Brahui people
DNA - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट और ढाका विश्वविद्यालय बांग्लादेश के वैज्ञानिकों ने मिलकर एक आनुवंशिक शोध किया है। इसमें यह पाया कि भारतीय उरांव और पाकिस्तानी ब्राहुई लोगों के बीच डीएनए समानता नहीं है। इससे भारत के उरांव और पाकिस्तान के ब्राहुई लोगों के बीच 150 साल पुराने भाषाई संबंध पर सवाल उठा है। 

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शोधकर्ताओं की टीम ने बलूचिस्तान, पाकिस्तान की ब्राहुई आबादी और मध्य भारत की कुरुख भाषा में देखी गई भाषाई समानता को आनुवंशिक रूप से समझने की कोशिश की, जिसमे ये दोनों आबादी आनुवंशिक रूप से एक-दूसरे के बजाय अपने आसपास के लोगों के साथ ज्यादा डीएनए साझा कर रहे थे।
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बीएचयू जूलॉजी विभाग के प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे और ढाका विश्वविद्यालय, बांग्लादेश की डॉ. नूरुन नाहर गाजी सुल्ताना के सह-नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में 248 लोगों का जेनेटिक डेटा तैयार किया। प्रो. चौबे ने बताया कि टीम ने ब्राहुई और कुरुख-भाषी उरांव आबादी के बीच म्यूटेशन और हैप्लोटाइप की जांच के लिए हाई-रिजॉल्यूशन आनुवंशिक विश्लेषण के लिए 6,50,000 आनुवंशिक मार्करों का उपयोग किया। यह अध्ययन इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय जर्नल, ह्यूमन पॉपुलेशन जेनेटिक्स एंड जीनोमिक्स में प्रकाशित हुआ है। 

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अध्ययन के प्रथम लेखक डॉ. प्रज्ज्वल प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप की ब्राहुई और अन्य द्रविड़ आबादी के बीच भाषाई संबंध की लंबे समय से ऐतिहासिक धारणा के बावजूद, इस अध्ययन ने आनुवंशिक रूप से इस संबंध की पुष्टि नहीं की है। 

भाषा विशेषज्ञ प्रोफेसर जॉर्ज वैन ड्रिम ने कहा कि इस नवीनतम शोध में पहली बार ओरांव के डीएनए का डाटा तैयार हुआ है, जिसने विभिन्न परिकल्पनाओं का परीक्षण करने में मदद की। अध्ययन के निष्कर्षों से पता चला है कि ओरांव लोग अपने पड़ोसी भारतीय मुंडारी (ऑस्ट्रोएशियाटिक) आबादी से आनुवंशिक संबंध प्रदर्शित करते हैं।

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