{"_id":"59ccc7244f1c1bcd538b4deb","slug":"bhu-vice-chancellor-visit-girls-hostel-for-talk","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू में बवाल के बाद पहली बार गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे कुलपति, जानीं छात्राओं की समस्याएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू में बवाल के बाद पहली बार गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे कुलपति, जानीं छात्राओं की समस्याएं
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 28 Sep 2017 04:49 PM IST
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छात्राओं से बात करते कुलपति
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में छात्राओं की सुरक्षा के नाम पर हुए बवाल के बाद पहली बार कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी महिला छात्रावास जाकर छात्राओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनकी समस्याएं सुनकर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया। वो बुधवार शाम 6.30 बजे त्रिवेणी महिला छात्रावास पहुंचे थे।
कुलपति ने इस दौरान सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी। कुलपति ने छात्राओं को बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से महिला शिक्षकों और बाहर की सदस्यों वाली एक समिति का गठन पहले ही किया गया है।
इसमें मीडिया एवं सामाजिक संगठनों की महिलाएं शामिल हैं। यह समिति महिला छात्रावासों में जाकर छात्राओं की समस्याओं को सुनती है, एवं उनका निस्तारण करती है। इसमें छात्रावास स्तर पर छात्राओं के प्रतिनिधि को भी शामिल किये जाने का निर्णय किया गया है।
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बताया कि मुख्य द्वार सहित अन्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया जा रहा है। महिला सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की जा रही है। कैंपस में जहां स्ट्रीट लाईट खराब थी उन्हें ठीक कर दिया गया है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर हेतु एक सुव्यवस्थित सुरक्षा योजना बनाई जा रही है जिसमें सुझाव हेतु वरिष्ठ छात्राओं को भी शामिल किया जायेगा। इस दौरान कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, कार्यवाहक चीफ प्राकटर और छात्र अधिष्ठाता प्रो.एमके सिंह आदि लोग मौजूद थे।
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कुलपति ने इस दौरान सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी। कुलपति ने छात्राओं को बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से महिला शिक्षकों और बाहर की सदस्यों वाली एक समिति का गठन पहले ही किया गया है।
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इसमें मीडिया एवं सामाजिक संगठनों की महिलाएं शामिल हैं। यह समिति महिला छात्रावासों में जाकर छात्राओं की समस्याओं को सुनती है, एवं उनका निस्तारण करती है। इसमें छात्रावास स्तर पर छात्राओं के प्रतिनिधि को भी शामिल किये जाने का निर्णय किया गया है।
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बताया कि मुख्य द्वार सहित अन्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया जा रहा है। महिला सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की जा रही है। कैंपस में जहां स्ट्रीट लाईट खराब थी उन्हें ठीक कर दिया गया है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर हेतु एक सुव्यवस्थित सुरक्षा योजना बनाई जा रही है जिसमें सुझाव हेतु वरिष्ठ छात्राओं को भी शामिल किया जायेगा। इस दौरान कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, कार्यवाहक चीफ प्राकटर और छात्र अधिष्ठाता प्रो.एमके सिंह आदि लोग मौजूद थे।
विवि प्रशासन ने मानी मांगे, ABVP का धरना खत्म
BHU
बीएचयू में छात्राओं पर लाठीचार्ज, छात्रों की पिटाई के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं का धरना बुधवार को खत्म हो गया। कार्यवाहक चीफ प्राक्टर प्रो.एमके सिंह और कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
चक्रपाणि ओझा, भूपेंद्र के देखरेख में चल रहे धरने में कार्यकर्ताओं ले ने घटनाओं के बारे में फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन, न्यायिक जांच आयोग गठन, चीफ प्राक्टर, प्राक्टोरियल बोर्ड को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के साथ ही महिला छात्रावासों सहित परिसर में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित किया करने की मांग की थी।
इसके अलावा परिसर में सीसीटीवी, रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की बात भी रखी थी। हालांकि कुलसचिव की ओर से जो पत्र दिया गया है, उसमें पूर्व में परिषद की ओर से 8 सितंबर को दिए गए ज्ञापन के साथ ही घटना के बाद दिए जाने वाले मांग पत्र का भी जिक्र है।
चक्रपाणि ओझा, भूपेंद्र के देखरेख में चल रहे धरने में कार्यकर्ताओं ले ने घटनाओं के बारे में फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन, न्यायिक जांच आयोग गठन, चीफ प्राक्टर, प्राक्टोरियल बोर्ड को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के साथ ही महिला छात्रावासों सहित परिसर में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित किया करने की मांग की थी।
इसके अलावा परिसर में सीसीटीवी, रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की बात भी रखी थी। हालांकि कुलसचिव की ओर से जो पत्र दिया गया है, उसमें पूर्व में परिषद की ओर से 8 सितंबर को दिए गए ज्ञापन के साथ ही घटना के बाद दिए जाने वाले मांग पत्र का भी जिक्र है।
सपा एमएलसी ने कुलपति के कार्यकाल पर उठाया सवाल
सपा एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने बीएचयू के विजिटर/राष्ट्रपति और मानव संसाधन विकास मंत्री से नियमानुसार कार्यकाल खत्म होने के दो महीने पहले( 27 सितंबर 2017) कुलपति का प्रशासनिक अधिकार छीन जाने के 48 घंटे पहले की नियुक्तियों की जांच की मांग की है। उन्होंने कैंपस में छात्राओं पर लाठीचार्ज जैसी घटना के बाद दिल्ली जाकर बैठक में शामिल होने पर भी सवाल खड़ा किया है।
शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि अधिकार छिनने की तारीख से दो दिन पहले 25 सितंबर को सलेक्शन कमेटी बुलाना और एक दिन पहले 26 सितंबर को दिल्ली में कार्यपरिषद की बैठक बुलाना यह साबित करता है कि कुलपति छात्राओं पर लाठीचार्ज, जुल्म से दुखी नहीं हैं।
वे सभी छात्राएं सकुशल अपने घर पहुंच गई है कि नहीं, उनकी चोट कैसी है, इन बातों से उनका कोई मतलब नहीं है। उन्हें किसी प्रकार की संवेदना नहीं है। आरोप लगाया कि किसी भी छात्रा का हाल जानने के बजाय अपने चेहतों को नौकरी देने की चिंता अधिक सता रही थी।
ऐसे समय में जब पूरा देश बीएचयू की हालात से चिंतित और परेशान हो रहा है अभिभावक अपने बच्चियों के भविष्यके प्रति आशंकित है, केंद्र और राज्य सरकारें जांच बैठा रही हैं। ऐसे में कुलपति यौन उत्पीड़न के आरोपी डॉ. ओपी उपाध्याय की नियुक्ति पर कार्यकारिणी की मुहर लगवाने में लगे रहे।
शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि अधिकार छिनने की तारीख से दो दिन पहले 25 सितंबर को सलेक्शन कमेटी बुलाना और एक दिन पहले 26 सितंबर को दिल्ली में कार्यपरिषद की बैठक बुलाना यह साबित करता है कि कुलपति छात्राओं पर लाठीचार्ज, जुल्म से दुखी नहीं हैं।
वे सभी छात्राएं सकुशल अपने घर पहुंच गई है कि नहीं, उनकी चोट कैसी है, इन बातों से उनका कोई मतलब नहीं है। उन्हें किसी प्रकार की संवेदना नहीं है। आरोप लगाया कि किसी भी छात्रा का हाल जानने के बजाय अपने चेहतों को नौकरी देने की चिंता अधिक सता रही थी।
ऐसे समय में जब पूरा देश बीएचयू की हालात से चिंतित और परेशान हो रहा है अभिभावक अपने बच्चियों के भविष्यके प्रति आशंकित है, केंद्र और राज्य सरकारें जांच बैठा रही हैं। ऐसे में कुलपति यौन उत्पीड़न के आरोपी डॉ. ओपी उपाध्याय की नियुक्ति पर कार्यकारिणी की मुहर लगवाने में लगे रहे।