बीएचयू: तालाबंदी, धरना-प्रदर्शन से गरमाया कैंपस का माहौल, शोध में अनदेखी का आरोप
रसायन विभाग : उपकरणों के प्रयोग पर फीस का विरोध
बीएचयू रसायन विभाग के शोध छात्र-छात्राओं को अब विभाग के प्रयोगशाला में उपकरणों के प्रयोग के लिए फीस देनी होगी। विभाग की ओर से इसका आदेश जारी होने के बाद इस फैसले का विरोध हो रहा है। सोमवार को विद्यार्थियों ने विभाग के मेन गेट पर तालाबंदी कर अपना विरोध जताया। कहा कि इस तरह का आदेश छात्रहितों के विपरीत है।
छात्रों के मुताबिक विभाग की ओर से उपकरणों के प्रयोग पर फीस लगाए जाने से बहुत छात्रों का शोध कार्य भी प्रभावित होगा। कहा कि 19 सितंबर को भी विभागाध्यक्ष को इसके लिए पत्र दिया गया था लेकिन जब उन्होंने कोई निर्णय नहीं लिया तो मजबूरन ये कदम उठाना पड़ा। उधर तालाबंदी की सूचना पाकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और विभागाध्यक्ष पहुंचे और मनाने का प्रयास किया लेकिन छात्र इस आदेश को निरस्त कराने की मांग पर अड़े रहे।
बीएचयू में शोध प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों पर छात्रों ने आपत्ति जताई है। इसको लेकर ओबीसी, एससी, एसटी, एमटी संघर्ष समिति के बैनर तले छात्र दोपहर में कुलपति प्रो. राकेश भटनागर से मिलने सेंट्रल ऑफिस पहुंचे। यहां उन्हें प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने रोका, जिस पर उनकी नोकझोंक भी हुई।
छात्रों ने विरोध में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की वहीं धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों की अनदेखी की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले से कई छात्र अपने अधिकारों से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित रखने का षडयंत्र रचा गया है। शाम पांच बजे तक जब उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह कुलपति के आवास पर पहुंच गए और यहां भी धरने पर बैठ गए।
लाठीचार्ज के विरोध की आशंका पर पुलिस रही सतर्क
बीएचयू में 2017 में 23 सितंबर की रात छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज की घटना को लेकर सोमवार को अधिक सतर्कता दिखी। महिला महाविद्यालय, बीएचयू गेट, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर के साथ ही सेंट्रल आफिस समेत कई जगहों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। माना जा रहा था कि कुछ छात्र संगठनों के लोग लाठीचार्ज की बरसी पर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि इस तरह की कोई घटना न होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ ही पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।