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वाराणसी में मिला 4000 साल पुराना शिल्प ग्राम, 1800 साल पुरानी लिपि

Sun, 23 Feb 2020 08:25 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 23 Feb 2020 08:25 PM IST
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BHU team discovers 4000 year old Shilp Gram in Varanasi
काशी हिंदू विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय(बीएचयू) की एक टीम ने वाराणसी में 4000 साल पुराने शिल्प ग्राम का पता लगाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्राचीन ग्रंथों में दर्ज शिल्प ग्रामों में से एक है।

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वाराणसी से 13 किलोमीटर दूर बभानियाव गांव में प्रारंभिक सर्वेक्षण करने वाले विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग ने कहा कि उसे एक ऐसी बस्ती के निशान मिले हैं, जिसका वाराणसी से संबंधित साहित्य में जिक्र मिलता है।
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बीएचयू के प्राचीन इतिहास विभाग के प्रोफेसर एके दुबे ने बताया कि बीएचयू से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बभनियाव गांव में टीम पहुंची तो वहां मंदिर के अवशेष मिले हैं। साथ ही 1800 साल पुरानी लिपि की जानकारी भी टीम को मिली है। अभी उत्खनन का कार्य चल रहा है। बुधवार से भारतीय पुरातत्व विभाग के सहयोग से उत्खनन कराया जाएगा। यहां शिल्पग्राम का पता चला है।

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उन्होंने कहा कि वाराणसी के पास होने के कारण इसका खास महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार वाराणसी को 5,000 साल पहले हिंदू देवता भगवान शिव ने स्थापित किया था, हालांकि आधुनिक विद्वानों का मानना है कि यह लगभग 3,000 साल पुराना है।

दुबे ने कहा कि बाभनियाव स्थल वाराणसी का एक छोटा उप-केंद्र हो सकता है, जो एक शहरी शहर के रूप में विकसित हुआ है।

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