बीएचयू गेट के सामने किसानों के समर्थन में उतरे छात्र, कानून वापस लेने की मांग
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कृषि कानून को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को बीएचयू के छात्र भी उतर आए हैं। बीएचयू सिंह द्वार पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों और छात्रों ने प्रदर्शन कर कृषि कानून को वापस लेने की मांग की। इस दौरान सदस्यों ने कहा कि कृषि कानून किसान विरोधी है।
इसके बहाने मोदी सरकार द्वारा खेती किसानी में उद्योगपतियों को हस्तक्षेप करने का एक मौका दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कानून से केवल किसानों का ही नहीं बल्कि आम लोगों का भी शोषण हो रहा है।
किसानों की पहले से ही इतनी समस्याएं हैं, जिसका समाधान नहीं हो पा रहा है। पूर्वांचल के किसान जो सब्जी का उत्पादन करते हैं, छुट्टा पशुओं से परेशान हैं। बनारस में आसपास के छोटी उपज करने वाले किसान क्या जानें बड़ी मंडी और कांटेक्ट फार्मिंग के बारे में।
सदस्यों ने सरकार से गेहूं, धान के साथ फल-सब्जी, आदि की न्यूनतम खरीद मूल्य तय करने, किसान हित विरोधी कृषि कानून को वापस लेने, छोटे और लघु किसानों को मनरेगा से जोड़े जाने और कृषि को कोआपरेटिव मॉडल से जोड़े जाने की मांग की है। उधर सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। सभा स्थल पर दीपक, ओम शुक्ला, रजत, धनंजय, विवेक सिंह, नीरज, अंकित आदि लोग मौजूद रहे।