{"_id":"5ad87b994f1c1bb56a8b4f40","slug":"bhu-students-are-in-fear-after-deadbody-placed-in-hostel","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू के इस हॉस्टल में शव रखे जाने के बाद छात्रों में दहशत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू के इस हॉस्टल में शव रखे जाने के बाद छात्रों में दहशत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 19 Apr 2018 07:46 PM IST
विज्ञापन
ब्रोचा हास्टल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएचयू के ब्रोचा हॉस्टल में वार्डन द्वारा नियमों को ताक पर रखकर कॉमन रूम में अपने ससुर का शव रखवाकर ताला बंद कराने का मामला सामने आया है। बुधवार देर रात घटी इस घटना से यहां रहने वाले छात्रों में नाराजगी है, उन्होंने इसकी शिकायत चीफ प्रॉक्टर से की।
चीफ प्राक्टर ने वार्डन से शव मर्चरी हाउस में रखवाने को कहा लेकिन वहां जाने की बजाय वार्डन ने कॉमन रूम में ही शव रखवा दिया। गुरुवार दोपहर उसे अंतिम संस्कार के लिए यहीं से ले जाया गया।
हॉस्टल के वार्डन विज्ञान संकाय के ही एक विभाग के शिक्षक हैं। नियमानुसार हॉस्टल के उपरी तल पर ही इन्हें कमरा मिला है, जहां वह परिवार संग रहते हैं। बुधवार को उनके 86 साल के ससुर की इलाज के दौरान सर सुंदर लाल अस्पताल में मौत हो गई।
विज्ञापन
यहां से बॉडी लेकर वह रात में हॉस्टल चले आए। आरोप है कि यहां उन्होंने बॉडी को कामन रूम में न केवल रखवाया बल्कि उसमें ताला बंद करवा दिया। इसकी जानकारी छात्रों को हुई तो वे नाराज हो गए और चीफ प्राक्टर को फोन कर अपनी आपत्ति जताई।
उधर, चीफ प्राक्टर के कहने के बाद भी वार्डन नहीं माने और कॉमन रूम में शव नहीं हटवाया। इससे कुछ छात्र असहज रहे और वहां जाने में डरते रहे। विश्वविद्यालय जानकारों की मानें तो कॉमन रूम में कोई भी बॉडी नहीं रखी जा सकती। अब देखना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।
विज्ञापन
चीफ प्राक्टर ने वार्डन से शव मर्चरी हाउस में रखवाने को कहा लेकिन वहां जाने की बजाय वार्डन ने कॉमन रूम में ही शव रखवा दिया। गुरुवार दोपहर उसे अंतिम संस्कार के लिए यहीं से ले जाया गया।
विज्ञापन
हॉस्टल के वार्डन विज्ञान संकाय के ही एक विभाग के शिक्षक हैं। नियमानुसार हॉस्टल के उपरी तल पर ही इन्हें कमरा मिला है, जहां वह परिवार संग रहते हैं। बुधवार को उनके 86 साल के ससुर की इलाज के दौरान सर सुंदर लाल अस्पताल में मौत हो गई।
विज्ञापन
यहां से बॉडी लेकर वह रात में हॉस्टल चले आए। आरोप है कि यहां उन्होंने बॉडी को कामन रूम में न केवल रखवाया बल्कि उसमें ताला बंद करवा दिया। इसकी जानकारी छात्रों को हुई तो वे नाराज हो गए और चीफ प्राक्टर को फोन कर अपनी आपत्ति जताई।
उधर, चीफ प्राक्टर के कहने के बाद भी वार्डन नहीं माने और कॉमन रूम में शव नहीं हटवाया। इससे कुछ छात्र असहज रहे और वहां जाने में डरते रहे। विश्वविद्यालय जानकारों की मानें तो कॉमन रूम में कोई भी बॉडी नहीं रखी जा सकती। अब देखना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।