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बीएचयू के छात्र ने किया शोध: गलत जूते पहनने से 25% खिलाड़ी 23 की उम्र में हो जा रहे अनफिट

Fri, 06 Oct 2023 04:28 PM IST
उत्पल कांत नीलांबुज तिवारी, संवाद, वाराणसी
नीलांबुज तिवारी, संवाद, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 06 Oct 2023 04:28 PM IST
सार

पैर पूरे शरीर का भार ढोते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो गलत साइज के जूते पहनने से पैरों के साथ-साथ पूरे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। गलत जूतों की वजह से 25 फीसदी खिलाड़ी 23 की उम्र में ही अनफिट होकर खेलों से बाहर हो रहे हैं। 

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जूते - फोटो : getty images

विस्तार

गलत साइज के जूते खिलाड़ियों को चोटिल और अर्थराइटिस से ग्रसित कर रहे हैं। खिलाड़ियों को पैरों की बनावट के हिसाब से जूते पहनने चाहिए। सिर्फ साइज के आधार पर लिए जूते पैरों के विकास में बाधा पहुंचाते हैं। जूते, पैरों की आर्क और अगले पिछले हिस्से की बनावट को ध्यान में रख बनाए जूते खरीदने और पहनने चाहिए। गलत जूतों की वजह से 25 फीसदी खिलाड़ी 23 की उम्र में ही अनफिट होकर खेलों से बाहर हो रहे हैं। प्रोफेसर बीसी कापरी के निर्देशन में बीएचयू कला संकाय में खेल विज्ञान विभाग के शोध छात्र पांच साल से भारतीय खिलाड़ियों के पैरों और जूतों पर शोध कर रहे हैं।

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शोध छात्र सौरभ मिश्र ने बताया कि जो लोग ज्यादातर खड़े होकर काम करते हैं या पैरों से अधिक काम लेते हैं, उन्हें अपने जूतों पर खास ध्यान देना चाहिए। भारतीयों के पैरों की बनावट और आर्क के हिसाब से जूते बनाने के लिए चेन्नई में शोध शुरू हुआ है। सौरभ ने बताया कि भारतीय लोगों के पैरों के हिसाब के जूते नहीं बनते हैं। इनके मानक यूके और यूएस के हिसाब से तय होते हैं।

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अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग जूते

इन दोनों देशों के लोगों की औसत लंबाई भारतीयों के मुकाबले अधिक और इनके आर्क भी अलग होते हैं। सलाह दी कि लोगों को अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग जूते पहनने चाहिए। खेलों में पैरों का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इससे इंजरी भी होती है। अगर पैरों की बनावट के हिसाब के जूते पहने जाए तो इंजरी कम हो सकती है। चोट की वजह से खिलाड़ी जल्दी रिटायर नहीं होंगे।

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सही फुटवियर रखेंगे दर्द से दूर

गलत आकार के जूते समय से पहले खिलाड़ियों को बीमार बना रहे हैं। आम लोग असमय पैरों के दर्द और बो-लेग से ग्रसित हो जाते हैं। शोध में पाया गया है कि ज्यादातर लोग फुटवियर खरीदते समय ऑफर और ब्रांड पर ही ध्यान देते हैं। जबकि सबसे अधिक आर्क पर ध्यान देना चाहिए।

पैर पूरे शरीर का भार ढोते हैं। गलत जूतों की वजह से 25 प्रतिशत खिलाड़ी 23 की उम्र में ही अनफिट होकर बाहर हो जाते हैं। हड्डी रोग और डायबिटिक फुट विभाग में इस पर शोध हो रहे हैं। हालांकि, रोग होने के बाद की शोध होते हैं। लोग सरदर्द होने पर ध्यान देते हैं, लेकिन पैरों की देखभाल में पिछड़ जाते हैं।

प्रो बीसी कापरी (शारीरिक शिक्षा विभाग, कला संकाय) ने कहा कि  पांव की संरचना के मुताबिक जूते खेल को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। गलत जूते शरीर व पैर की संरचना को नुकसान पहुंचाते हैं। भारतीय लोगों के हिसाब से जूते बनाने के लिए शोध किया जा रहा है। 

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