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Sports: खेलो इंडिया के लिए रोज छह घंटे रिंग में बरसाती हैं मुक्के, साई सेंटर में अभ्यास करती हैं काजल
Fri, 10 Jul 2026 01:12 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Fri, 10 Jul 2026 01:12 PM IST
सार
Varanasi News: गाजीपुर के दिलदारनगर की काजल बीएचयू कला संकाय की द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। वे खेलो इंडिया मुक्केबाजी प्रतियोगिता के लिए साई सेंटर में अभ्यास कर रही हैं। वह लगातार दो अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिता खेलने वाली पहली छात्रा है।
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मुक्केबाजी की खिलाड़ी काजल कोच के साथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीएचयू बीए द्वितीय वर्ष कला (संकाय) की छात्रा काजल यादव ने खेलो इंडिया मुक्केबाजी प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई कर लिया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने के लिए वह हर रोज बीएचयू साई सेंटर के मुक्केबाजी रिंग में छह घंटे अभ्यास करती है। वह लगातार दो अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिता खेलने वाली पहली छात्रा है।
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साई सेंटर की कोच पूजा यादव ने बताया कि पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में मार्च माह में हुई अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन की बदौलत काजल ने यह सफलता हासिल की।
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गाजीपुर के दिलदार नगर निवासी काजल ने लगातार दो बार अखिल भारतीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में बीएचयू का प्रतिनिधित्व किया है। उन्हें दूसरी बार में खेलो इंडिया मुक्केबाजी प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया है। उनका पसंदीदा पंच राइट हुक है। इसी से उन्होंने सबसे ज्यादा मैच जीते हैं।
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उन्होंने बताया कि सब जूनियर वर्ग में अपने प्रदर्शन की बदौलत 2022 में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की ओर से बीएचयू सेंटर में प्रवेश मिला। लगातार प्रदर्शन के जरिये बीएचयू सेंटर में प्रशिक्षण हासिल किया और खेल कोटे से बीएचयू के कला संकाय में प्रवेश मिला। 2024 और 2025 में अखिल भारतीय प्रतियोगिता खेला।
कोच पूजा यादव ने बताया कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के जरिये उभरते हुए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच और वित्तीय सहायता भी मिलती है। काजल हर रोज साई सेंटर के मुक्केबाजी रिंग में पांच से छह घंटे अभ्यास करती हैं। फिलहाल उनकी कोशिश खेलो इंडिया मुक्केबाजी प्रतियोगिता में पदक जीतना है।