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खबर का असरः आईएमएस बीएचयू में ठप जांच और आवास मरम्मत का मुद्दा गर्माया, विरोध में छात्र भी उतरे

Sat, 11 Sep 2021 07:08 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 11 Sep 2021 07:08 PM IST
सार

बीएचयू में वाराणसी समेत आसपास के जिलों में कोरोना जांच करीब एक सप्ताह से बंद हैं। इसके पीछे सरकार की ओर से जांच के बकाए करीब 11 करोड़ रुपये के भुगतान न होना वजह है। 

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BHU student demand investigation for covid test closed in hospital and expenditure on repairing IMS director house SP workers start alms
प्रभारी वीसी से शिकायत करने पहुंचे छात्र, सपा कार्यकर्ताओं ने किया भिक्षाटन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब में कोविड की आरटीपीसीआर जांच, ब्लड बैंक में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स किट न होने से प्लेटलेट्स न मिलने और निदेशक के आवास मरम्मत पर 43 लाख रुपये खर्च का मुद्दा गरमा गया है। आईएमएस बीएचयू के प्रोफेसर के सवाल उठाने के बाद अब छात्र भी विरोध में उतर आए हैं।

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उधर, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ  के कार्यकर्ताओं ने जांच शुरू कराने के लिए भिक्षाटन कर 1160 रुपये जुटाए और उसे ट्रॉमा सेंटर स्थित दान पेटिका में जमा कर दिया। बीएचयू में वाराणसी समेत आसपास के जिलों में कोरोना जांच करीब एक सप्ताह से बंद हैं। इसके पीछे सरकार की ओर से जांच के बकाए करीब 11 करोड़ रुपये के भुगतान न होना वजह है। 
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जांच और कार्रवाई न होने पर छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बीएचयू के शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी, उत्कर्ष द्विवेदी ने प्रभारी कुलपति प्रो. वीके शुक्ला से मिलकर शिकायती पत्र सौंपा। मृत्युंजय ने बताया कि बीएचयू अस्प्ताल में एसडीपी किट के अभाव में जांच ठप होने, बकाए का भुगतान न होने से कोरोना जांच बंद होना प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाता है।

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यहीं नहीं आईएमएस निदेशक के आवास मरम्मत पर 43 लाख रुपये खर्च होना में भी वित्तीय अनियमितता की आशंका जताते हुए सभी मामले में जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। जल्द ही अगर बंद हुई जांच नहीं शुरू हुई और आवास मरम्मत मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। मृत्युंजय ने बताया कि प्रभारी वीसी ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 

नहीं मिले अधिकारी तो दान पेटिका में डाल दिए 1160 रुपये

सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के महानगर महासचिव अमन यादव के नेतृत्व में लंका सिंह द्वार से लेकर रविदास गेट आदि जगहों पर दुकानदारों, चाय बेचने वाले, ठेला चलाने वालों आदि से भी भिक्षाटन किया गया। अमन ने बताया कि एक तरफ पैसे के अभाव में कोरोना जांच ठप कर दिया गया है। 

वहीं दूसरी ओर आईएमएस निदेशक के आवास में मरम्मत के लिए सिविल कार्य में 43 लाख खर्च हो गया। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ऐसा होना निंदनीय है। बताया कि कुल 1160 रुपये मिलने के बाद उसे दान पेटिका में डाल दिया गया, जिससे कि दुबारा कोरोना जांच शुरू हो सके। इस दौरान अनिल यादव, कुंवर विक्रम सिंह चौहान, राधेश्याम यादव आदि मौजूद रहे।

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