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BHU के छात्र ने रचा इतिहास: भोजपुरी भाषा में लिखा शोध प्रबंध, देश का पहला केंद्रीय विश्वविद्यालय बना बीएचयू

Sun, 01 Jan 2023 02:37 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 01 Jan 2023 02:37 PM IST
सार

मूल रूप से खोजवा निवासी धीरज कुमार गुप्ता तीन भाई एक बहन में बड़े हैं। 2019 में पिता के निधन के बाद भी उन्होंने घर-परिवार की जिम्मेदारी के साथ ही भोजपुरी भाषा में शोध प्रबंध लिखने का सिलसिला जारी रखा। पिताजी राजेंद्र प्रसाद का सपना था कि मैं अपना शोध प्रबंध भोजपुरी भाषा में ही पूरा करूं।

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BHU student created history dissertation written in Bhojpuri language, BHU became the country's first central
भोजपुरी भाषा में लिखा शोध प्रबंध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एक ऐसा शोध कार्य हुआ है, जो अपने आप में अनूठा है। भोजपुरी अध्ययन केंद्र के तहत शोध करने वाले छात्र धीरज कुमार गुप्ता ने ‘भोजपुरी पत्रकारिता का उदभव और विकास-एक अध्ययन’ विषय पर 235 पेज का अपना पूरा शोध प्रबंध भोजपुरी भाषा में ही लिखा है। यह देश का पहला ऐसा केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं, जहां भोजपुरी पत्रकारिता विषय पर पूरा शोध प्रबंध भोजपुरी भाषा में ही लिखा गया है। 

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2009 में स्थापित भोजपुरी अध्ययन केंद्र एक अंतर अनुशासनिक केंद्र हैं। यहां पर अध्ययनरत सभी शोध छात्र मान्यता प्राप्त किसी भी भाषा में शोध प्रबंध लिख सकते हैं। मुख्यत: हिंदी, अंग्रेजी में शोध छात्र अपना शोध प्रबंध प्रस्तुत करते रहते हैं लेकिन भोजपुरी अध्ययन केंद्र के तहत शोध करने वाले धीरज ऐसे पहले शोध छात्र हैं, जिन्होंने अपना पूरा शोध प्रबंध भोजपुरी भाषा में लिखा है। 30 दिसंबर को धीरज ने अपना शोध प्रबंध जमा कर दिया है। अब कुछ औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद उसे उपाधि का इंतजार है। 
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भोजपुरी पत्रकारिता विषय पर भोजपुरी भाषा में शोध प्रबंध लिखा जाना न केवल केंद्र के लिए बल्कि भोजपुरी समाज के लिए गौरव का विषय है। आने वाले दिनों में और भी शोध प्रबंध भेाजपुरी भाषा में कराए जाएं, इसके लिए छात्रों को प्रेरित किया जाएगा। धीरज ऐसे छात्रों के लिए रोल मॉडल होंगे। - प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल, समन्वयक, भोजपुरी अध्ययन केंद्र बीएचयू।
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बीएचयू छात्र ने भोजपुरी भाषा में लिखा शोध प्रबंध, रचा इतिहास
- देश का पहला केंद्रीय विश्वविद्यालय बना काशी हिंदू विश्वविद्यालय 
- भोजपुरी अध्ययन केंद्र में शोध प्रबंध जमा, उपाधि का इंतजार 

BHU student created history dissertation written in Bhojpuri language, BHU became the country's first central
BHU - फोटो : Social Media
पिता को समर्पित किया शोध प्रबंध 
मूल रूप से खोजवा निवासी धीरज कुमार गुप्ता तीन भाई एक बहन में बड़े हैं। 2019 में पिता के निधन के बाद भी उन्होंने घर-परिवार की जिम्मेदारी के साथ ही भोजपुरी भाषा में शोध प्रबंध लिखने का सिलसिला जारी रखा। पिताजी राजेंद्र प्रसाद का सपना था कि मैं अपना शोध प्रबंध भोजपुरी भाषा में ही पूरा करूं। दुर्भाग्यवश वह हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी प्रेरणा, आशीर्वाद से मैंने ऐसा कर दिखाया। पूरा शोध प्रबंध पिताजी को समर्पित है। 
भोजपुरी पत्रकारिता विषय पर तो बहुत सारे शोध कार्य हुए हैं लेकिन इसी भाषा में पूरा शोध प्रबंध पहली बार लिखा गया। धीरज को ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद भी। इस तरह के कार्यों से आगे शोध क रने वाले छात्रों को प्रेरणा मिलती है। - प्रो. वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी, शोध निर्देशक। 

एक नजर में अध्ययन केंद्र 
स्थापना             2009
शोध कार्य शुरू   2014
 शोध प्रबंध पूरा    16 
छात्रों की संख्या    52 शोध छात्र
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