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जूनियर रेजिडेंट का कमरा सील, हॉस्टल में सन्नाटा
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वाराणसी। बीएचयू आईएमएस की जूनियर रेजिडेंट मनीषा कुमारी का लेडी डॉक्टर्स हॉस्टल का कमरा सील कर दिया गया है। उधर, सोमवार सुबह मनीषा के पिता ने पहले पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम कराने पर अड़ी रही। विश्वविद्यालय और पुलिस अधिकारियों के समझाने पर शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ।
कमरा नंबर-41 में रहने वाली नेत्र रोग विभाग की जूनियर रेजिडेंट मनीषा के फांसी लगाकर जान देने की घटना के बाद छात्राएं सहमी हुई हैं। सोमवार को हॉस्टल में सन्नाटे जैसा माहौल रहा। गेट बंद रहा और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही थी।
देर रात पहुंचा परिवार, पांच घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम
मनीषा की माता संजू देवी और पिता अनिल केशरी समेत आठ लोग रविवार देर रात बिहार के जमुई से शहर पहुंचे और एलडी गेस्ट हाउस में रुके। सुबह करीब 10 बजे बीएचयू अस्पताल की मोर्चरी में रखा शव पोस्टमार्टम के लिए निकाला गया तो सब रो पड़े। छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, डिप्टी चीफ प्रॉक्टर प्रो. एमए अंसारी सहित अन्य लोग भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मनीषा के पिता ने कहा कि वह बिना पोस्टमार्टम शव ले जाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी तो नोकझोंक शुरू हो गई। काफी समझाने पर परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी।
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मनीषा कहती तो इंगेजमेंट करा देते
मोर्चरी हाउस पर मनीषा की माता संजू देवी ने रोते हुए बार-बार बेटी से हुई बातचीत का जिक्र कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अगर बेटी कहती तो इंगेजमेंट भी करा देते। कुछ दिन पहले ही घर पर उसने खुद के खुश होने की बात कही थी, फिर पता नहीं अचानक ऐसा क्या हुआ कि जो इतना बड़ा कदम उठा लिया। उधर, बीएचयू में आईएमएस के ही एक रेजिडेंट से प्रेम संबंधों की भी चर्चा होती रही।
गले पर थे निशान, हाथों में अंगूठी
मनीषा का शव जब पोस्टमार्टम के लिए फ्रीजर से निकाला गया तो उसके गले पर लाल निशान था। उंगली में अंगूठी थी। मां ने बताया कि मनीषा ने घर पर जन्मदिन धूमधाम से मनाया था और कुछ समय पहले ही अंगूठी खरीदी थी।
विश्वविद्यालय की ओर से मनीषा के कमरे को सील करा दिया गया है। आगे की कार्रवाई पुलिस और परिवारीजनों की मांग के आधार पर की जाएगी। -प्रो. ओपी राय, चीफ प्रॉक्टर
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कमरा नंबर-41 में रहने वाली नेत्र रोग विभाग की जूनियर रेजिडेंट मनीषा के फांसी लगाकर जान देने की घटना के बाद छात्राएं सहमी हुई हैं। सोमवार को हॉस्टल में सन्नाटे जैसा माहौल रहा। गेट बंद रहा और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही थी।
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देर रात पहुंचा परिवार, पांच घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम
मनीषा की माता संजू देवी और पिता अनिल केशरी समेत आठ लोग रविवार देर रात बिहार के जमुई से शहर पहुंचे और एलडी गेस्ट हाउस में रुके। सुबह करीब 10 बजे बीएचयू अस्पताल की मोर्चरी में रखा शव पोस्टमार्टम के लिए निकाला गया तो सब रो पड़े। छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, डिप्टी चीफ प्रॉक्टर प्रो. एमए अंसारी सहित अन्य लोग भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मनीषा के पिता ने कहा कि वह बिना पोस्टमार्टम शव ले जाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी तो नोकझोंक शुरू हो गई। काफी समझाने पर परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी।
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मनीषा कहती तो इंगेजमेंट करा देते
मोर्चरी हाउस पर मनीषा की माता संजू देवी ने रोते हुए बार-बार बेटी से हुई बातचीत का जिक्र कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अगर बेटी कहती तो इंगेजमेंट भी करा देते। कुछ दिन पहले ही घर पर उसने खुद के खुश होने की बात कही थी, फिर पता नहीं अचानक ऐसा क्या हुआ कि जो इतना बड़ा कदम उठा लिया। उधर, बीएचयू में आईएमएस के ही एक रेजिडेंट से प्रेम संबंधों की भी चर्चा होती रही।
गले पर थे निशान, हाथों में अंगूठी
मनीषा का शव जब पोस्टमार्टम के लिए फ्रीजर से निकाला गया तो उसके गले पर लाल निशान था। उंगली में अंगूठी थी। मां ने बताया कि मनीषा ने घर पर जन्मदिन धूमधाम से मनाया था और कुछ समय पहले ही अंगूठी खरीदी थी।
विश्वविद्यालय की ओर से मनीषा के कमरे को सील करा दिया गया है। आगे की कार्रवाई पुलिस और परिवारीजनों की मांग के आधार पर की जाएगी। -प्रो. ओपी राय, चीफ प्रॉक्टर