फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU research said that tribal groups of Andaman are more prone to coronavirus infection, 11 scientists studied

बीएचयू के शोध में खुलासा: अंडमान के आदिवासी समूहों पर कोरोना संक्रमण का अधिक खतरा, 11 वैज्ञानिकों ने किया अध्ययन

Wed, 13 Oct 2021 05:48 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 13 Oct 2021 05:48 PM IST
सार

बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे के निर्देशन में हुए एक शोध में यह बताया गया है कि इस महामारी की वजह से कई आदिवासी प्रजाति के लोग विलुप्त होने के कगार पर हैं। 

विज्ञापन
BHU research said that  tribal groups of Andaman are more prone to coronavirus infection, 11 scientists studied
कोरोना टेस्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

 वैश्विक महामारी कोरोना का सबसे अधिक खतरा अंडमान में रहने वाले आदिवासियों को है। ब्राजील में रहने वाले आदिवासियों पर अध्ययन में यह परिणाम आया है की यहां आदिवासी समूह के लोग कोरोना से अधिक प्रभावित हुए हैं। बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे के निर्देशन में हुए एक शोध में यह बताया गया है कि इस महामारी की वजह से कई आदिवासी प्रजाति के लोग विलुप्त होने के कगार पर हैं। जिसमें पाया गया कि ऐसे लोग भी हैं जिनकी कुल जनसंख्या एक हजार से भी कम है।

विज्ञापन


प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि अंडमान दीप समूह के लोगों पर हुए इस शोध में सीएसआईआर-सीसीएमबी हैदराबाद के डॉक्टर कुमार स्वामी थंगराज के साथ ही देश भर के कुल 13 संस्थानों के 11 वैज्ञानिकों ने भारतीय आबादी का जीनोमिक विश्लेषण किया है। शोध में जो महत्वपूर्ण बात निकल कर आई है वह यह कि कुछ  आदिवासी समुदायों में होमोजाइगस मतलब एक ही समान तरीके के डीएनए के काफी बड़े-बड़े खंड पाए गए हैं।
विज्ञापन


ऐसे में जिनोम की कोविड-19 से संक्रमित होने की अधिक संभावना है। यह शोध विज्ञान की पत्रिका जीन्स एंड इम्युनिटी में  भी प्रकाशित हुई है। अंडमान दीप समूह में रहने वाले लोगों पर शोध करने वाले वैज्ञानिक  डॉ. कुमार स्वामी थंगराज ने बताया कि टीम ने 227 समुदायों के 1600 से ज्यादा लोगों के उच्च रेसोलुशन वाले जीनोमिक डेटा में उस डीएनए की जांच की गई जो की कोविड 19 जोखिम को बढ़ा देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

टीम ने पाया कि सबसे ज्यादा खतरा अंडमान में रहने वाले आदिवासी लोगों में है। बीएचयू के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा कि अभी तक इस विषय पर कोविड-19 का प्रभाव किसी भी समुदाय पर कैसे पड़ेगा, इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं थी।  

इस अध्ययन से प्राप्त परिणाम में पाया गया है कि आइसोलेटेड आबादी के लिए उच्च प्राथमिकता वाली सुरक्षा और अधिक देखभाल की जरूरत है। शोध कार्य में आईएमएस बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर वीएन मिश्रा, प्रोफेसर रोयाना सिंह, डॉक्टर अभिषेक पाठक के साथ ही केरल से डॉ. प्रशांत सुरवझाला, कलकत्ता से  डॉ. राकेश तमांग, सउदी अरब से डॉ. आशुतोष राय आदि मौजूद रहे

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed