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बीएचयू: पहले रिसर्च के जो असाइनमेंट एक साल में होते थे, अब वो 15-30 दिनों में हो रहे
Wed, 02 Sep 2026 05:20 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 02 Sep 2026 05:20 PM IST
सार
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने वैज्ञानिक अनुसंधानों में एआई जरूरत को लेकर प्रोफेसरों से बात की। उन्होंने कहा कि जिन काम को पूरा करने में पहले एक वर्ष लगता था, उन्हें अब एक महीने या 15 दिनों में पूरा किया जा सकता है।
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कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएचयू के शारीरिक शिक्षा विभाग में एआई और वैज्ञानिक अनुसंधान विषय पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला मंगलवार को शुरू हुई। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि जिन काम को पूरा करने में पहले एक वर्ष लगता था, उन्हें अब एक महीने या 15 दिनों में पूरा किया जा सकता है। इससे शोधकर्ता ज्यादा गहराई और बड़े प्रश्नों पर ध्यान लगा सकेंगे। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को एआई और सर्च इंजन से जानकारी उपलब्ध कराने तक सीमित न हो। उन्हें इनसे आगे बढ़कर विषय की गहरी समझ दी जाए।
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एआई के इस्तेमाल के लिए संसाधनों या अत्याधुनिक सुविधाओं की जरूरत नहीं है, क्योंकि कई मुक्त और किफायती उपकरण उपलब्ध हैं। कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. संजय कुमार सिंह ने कहा कि एआई और मशीन लर्निंग से संबंधित संसाधनों के लिए डेडिकेटेड लैब विकसित की जाएगी।
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विशेषज्ञों की ओर से तैयार ऑनलाइन सामग्री, व्यावहारिक सत्र, जिज्ञासा समाधान और प्रोजेक्ट, गाइडलाइंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। माइनिंग, मेटलर्जी और मेडिसिनल साइंस एआई से रियल टाइम समस्याओं का समाधान दे सकते हैं।
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आयोजक शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. विक्रम सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला में वैज्ञानिक अनुसंधान और खेलों में एआई की क्रांतिकारी क्षमता को समझा जाएगा। इसमें देश के कई संस्थानों और दुनिया भर के शोधार्थी जुड़े थे।