BHU: नर्सिंग छात्रों का धरना- प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, एक की तबीयत बिगड़ी, IMS प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के नर्सिंग छात्रों का धरना-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। महाविद्यालय का गेट बंद कर धरने पर बैठे छात्र छात्रावास आवंटन न करने और मानदेय का भुगतान नहीं होने से नाराज हैं।
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में हॉस्टल आवंटन, 25 प्रतिशत आरक्षण के साथ दाखिले सहित अन्य मांगों को लेकर तीन दिन से धरने पर बैठे नर्सिंग छात्रों में एक की तबीयत बुधवार को बिगड़ गई। धरना स्थल पर वह चक्कर खाकर गिर गया। आनन फानन उसे बीएचयू अस्पताल ले जाया गया। इधर, धरनारत छात्रों ने आईएमएस बीएचयू प्रशासन पर हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जल्द से कार्रवाई की मांग की है।
नर्सिंग कॉलेज में पठन-पाठन के साथ ही अस्पताल में कामकाज ठप कर छात्र-छात्राएं गेट पर सोमवार से धरना दे रहे हैं। दो दिन से तीखी धूप के बाद भी छात्र अपनी मांग पर अड़े हैं। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से की जा रही मांगों पर आईएमएस प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
बताया कि 15 फरवरी को आईएमएस प्रशासन की ओर से एक आदेश जारी कर यह भी बताया गया है कि 72 छात्रों को हॉस्टल आवंटित किया गया है लेकिन यह गलत है। इधर गेट पर छात्रों के बैठने की वजह से कॉलेज के शिक्षकों सहित अन्य लोग अंदर नहीं जा पा रहे हैं। बुधवार को धरने पर बैठे छात्रों ने बताया कि जिस तरह आईएमएस बीएचयू प्रशासन मांगों को दरकिनार कर रहा है, वह बहुत गलत है।
धरने पर बैठे छात्रों को नोटिस
नर्सिंग कॉलेज के प्रोफेसर इंचार्ज ने छात्रों के धरने को गलत बताते हुए नोटिस जारी किया है। इसके बाद छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया है। उन्होंने मांग पूरी न होने पर अनशन की चेतावनी दी है। छात्रों ने आरोप लगाया कि मांगों को पूरा करने के बजाय नोटिस जारी कर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है, जो कि गलत है। समर्थन में आई छात्राओं पर भी दबाव बनाया जा रहा है।
न तो छात्रावास की मांग पूरी की जा रही है और न ही समय से परीक्षा और 25 प्रतिशत आरक्षण कोटा के साथ पोस्ट ग्रेजुएट एमएससी नर्सिंग शुरू कराया जा रहा है। इस तरह के नोटिस का कोई असर नहीं पड़ने वाला नहीं है। जल्द ही मांगें पूरी नहीं की गई तो अनशन करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी आईएमएस प्रशासन की होगी।
मरीजों की सेवा पर भी असर
बीएचयू में नर्सिंग छात्रों के धरना देने की वजह से मरीजों की सेवा का काम प्रभावित हो रहा है। नर्सिंग छात्र अस्पताल में भर्ती मरीजों को डॉक्टर के सुझावों को अमल कराने के साथ उनकी मदद करते हैं।