बीएचयू: अस्पताल में गांधीगिरी पर उतरे नर्सिंग ऑफिसर, इमरजेंसी गेट पर किया सद्बुद्धि यज्ञ, एमएस पर थप्पड़ मारने का है आरोप
8 जनवरी को बीएचयू अस्पताल के एमएस पर नर्सिंग अफसर की पिटाई का आरोप है, जिसके बाद से सभी नर्सिंग ऑफिसर इमरजेंसी गेट पर धरने पर बैठे हुए हैं।
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बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को एमएस प्रोफेसर केके गुप्ता पर थप्पड़ मारने और धक्का-मुक्की का आरोप लगाकर 5 दिन से धरने पर बैठे नर्सिंग अफसर अब गांधीगिरी पर उतर आए हैं। मंगलवार को कैंडल मार्च निकालने के बाद बुधवार को इमरजेंसी गेट पर सद्बुद्धि यज्ञ कर बीएचयू प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में सामूहिक आहुति देकर सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वह उनकी मांगों पर कार्रवाई के लिए बीएचयू प्रशासन को सद्बुद्धि प्रदान करें। उन्होंने बताया कि मांग पूरी न होने तक आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। इधर पांच दिन से चल रहे इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई अब तक बीएचयू प्रशासन की ओर से न कर पाने से मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
बुधवार दोपहर में सद्बुद्धि यज्ञ के बाद नर्सिंग ऑफिसरों ने 40 पेज का प्रार्थना पत्र भी प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय सहित अन्य अधिकारियों को भेजा है। जिसमें पिछले 5 दिन से कामकाज छोड़कर इमरजेंसी पर धरना देने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने का जिक्र किया है।
उनका कहना है कि जिस तरह से एमएस प्रोफेसर केके गुप्ता ने इमरजेंसी में दुर्व्यवहार किया, वह गलत है। पिछले 5 दिनों से वह आंदोलन कर रहे हैं लेकिन बीएचयू प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मरीजों के हित में इमरजेंसी सभी सेवा दे रहे हैं लेकिन अगर बीएचयू प्रशासन का इसी तरह रवैया रहा तो आने वाले दिनों में इमरजेंसी सेवाओं से भी अपने को अलग करना पड़ेगा।