{"_id":"66e905ac5d6b0decb50f5c66","slug":"bhu-nursing-officer-death-case-innocent-boy-kept-picking-up-flower-that-fell-father-photo-2024-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"BHU नर्सिंग ऑफिसर मौत मामला: पिता की फोटो के पास गिरे फूल को उठाकर रखता रहा मासूम, बेसुध हुई पत्नी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
BHU नर्सिंग ऑफिसर मौत मामला: पिता की फोटो के पास गिरे फूल को उठाकर रखता रहा मासूम, बेसुध हुई पत्नी
Tue, 17 Sep 2024 10:19 AM IST
प्रगति चंद
माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी।
माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 17 Sep 2024 10:19 AM IST
सार
नर्सिंग अफसर की पत्नी बोली-तनाव में गई पति की जान, अस्पताल प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
विज्ञापन
नर्सिंग अफसर खेम सिंह सैनी को इमरजेंसी गेट के पास साथियों ने तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीएचयू में नर्सिंग अफसर खेम सिंह सैनी की मौत के बाद इमरजेंसी गेट के पास साथियों ने तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी। इधर सोमवार की सुबह उनकी पत्नी रेशमा अपने डेढ़ साल के बेटे को लेकर पहुंची। मासूम बेटा पिता की तस्वीर के पास गिरे फूल को उठाकर रखता रहा।
वहीं पत्नी रेशमा बेसुध हो गई। वहां मौजूद महिला नर्सिंग अधिकारियों ने उन्हें संभाला और सांत्वना दी। इस बीच पत्नी ने कहा कि उनके पति घर से सही सलामत निकले थे, अस्पताल में डयूटी के दौरान मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि पति की मौत के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई सूचना तक नहीं दी गई।
नर्सिंग अफसर की पत्नी रेशमा भी सोमवार को दिन भर अन्य नर्सिंग अफसरों के साथ इमरजेंसी के बाहर अपने बेटे को गोद में लेकर धरने पर बैठी रही। पत्नी ने कहा कि पति कहा करते थे कि वह रात में हमेशा अकेले डयूटी करते हैं, उनको नींद नहीं आती थी। रेस्ट भी नहीं कर पाते हैं।
विज्ञापन
अकेले डयूटी करने के तनाव की वजह से मौत हुई है। नर्सिंग अफसरों ने कहा कि खेम सिंह के परिजनों को पांच करोड़ मुआवजा, पत्नी को नौकरी, बेटे की परवरिश, नर्सिंग अफसरों से मानक के अनुसार डयूटी करवाने सहित अन्य मांगों पर लिखित जवाब देने के बजाय बीएचयू अस्पताल प्रशासन केवल आश्वासन ही दे रहा है।
मेमो में नर्सिंग अफसर की जगह व्यक्ति लिखने से नाराजगी
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी की ओर से नर्सिंग अफसर की मौत के बाद लंका थाने को जो मेमो भेजा गया। इस पर परिजन नाराज हो गए। सोमवार की दोपहर लंका इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने परिजनों और अन्य नर्सिंग अफसर से बातचीत कर पोस्टमार्टम करवाने को कहा, लेकिन वह मांग पूरी होने तक ऐसा न करने पर अड़े रहे। इंस्पेक्टर से नर्सिंग अफसरों ने मेमो में खेम सिंह सैनी को अस्पताल में तैनात नर्सिंग अफसर लिखने की बजाय व्यक्ति लिखा गया है।
साथ ही यह भी लिखा है कि 15 सितंबर को सुबह 7.35 बजे मृत अवस्था में लाया गया है। इसके साथ ही मौत की वजह भी हृदयाघात बताया गया है। इस पर मेडिकल आफिसर, सीनियर मेडिकल आफिसर के हस्ताक्षर के साथ मुहर भी लगाई गई है। कहा कि एक ओर मृत अवस्था में लाने की बात लिखी जा रही है, दूसरी ओर मौत की वजह भी लिख दी गई है। नर्सिंग अफसर और घटनास्थल का जिक्र क्यों नहीं किया गया।
जब नर्सिंग ऑफीसरों ने इस पर आपत्ति जताई तो बीएचयू अस्पताल प्रशासन ने पहले से जारी मेमो पर ही खेम सिंह सैनी के नाम के साथ नर्सिंग अफसर लिखा और स्थाई कर्मचारी होने का भी जिक्र किया।
विज्ञापन
वहीं पत्नी रेशमा बेसुध हो गई। वहां मौजूद महिला नर्सिंग अधिकारियों ने उन्हें संभाला और सांत्वना दी। इस बीच पत्नी ने कहा कि उनके पति घर से सही सलामत निकले थे, अस्पताल में डयूटी के दौरान मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि पति की मौत के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई सूचना तक नहीं दी गई।
विज्ञापन
नर्सिंग अफसर की पत्नी रेशमा भी सोमवार को दिन भर अन्य नर्सिंग अफसरों के साथ इमरजेंसी के बाहर अपने बेटे को गोद में लेकर धरने पर बैठी रही। पत्नी ने कहा कि पति कहा करते थे कि वह रात में हमेशा अकेले डयूटी करते हैं, उनको नींद नहीं आती थी। रेस्ट भी नहीं कर पाते हैं।
विज्ञापन
अकेले डयूटी करने के तनाव की वजह से मौत हुई है। नर्सिंग अफसरों ने कहा कि खेम सिंह के परिजनों को पांच करोड़ मुआवजा, पत्नी को नौकरी, बेटे की परवरिश, नर्सिंग अफसरों से मानक के अनुसार डयूटी करवाने सहित अन्य मांगों पर लिखित जवाब देने के बजाय बीएचयू अस्पताल प्रशासन केवल आश्वासन ही दे रहा है।
मेमो में नर्सिंग अफसर की जगह व्यक्ति लिखने से नाराजगी
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी की ओर से नर्सिंग अफसर की मौत के बाद लंका थाने को जो मेमो भेजा गया। इस पर परिजन नाराज हो गए। सोमवार की दोपहर लंका इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने परिजनों और अन्य नर्सिंग अफसर से बातचीत कर पोस्टमार्टम करवाने को कहा, लेकिन वह मांग पूरी होने तक ऐसा न करने पर अड़े रहे। इंस्पेक्टर से नर्सिंग अफसरों ने मेमो में खेम सिंह सैनी को अस्पताल में तैनात नर्सिंग अफसर लिखने की बजाय व्यक्ति लिखा गया है।
साथ ही यह भी लिखा है कि 15 सितंबर को सुबह 7.35 बजे मृत अवस्था में लाया गया है। इसके साथ ही मौत की वजह भी हृदयाघात बताया गया है। इस पर मेडिकल आफिसर, सीनियर मेडिकल आफिसर के हस्ताक्षर के साथ मुहर भी लगाई गई है। कहा कि एक ओर मृत अवस्था में लाने की बात लिखी जा रही है, दूसरी ओर मौत की वजह भी लिख दी गई है। नर्सिंग अफसर और घटनास्थल का जिक्र क्यों नहीं किया गया।
जब नर्सिंग ऑफीसरों ने इस पर आपत्ति जताई तो बीएचयू अस्पताल प्रशासन ने पहले से जारी मेमो पर ही खेम सिंह सैनी के नाम के साथ नर्सिंग अफसर लिखा और स्थाई कर्मचारी होने का भी जिक्र किया।