बीएचयू: आईआईटी में पहाड़ी-बॉर्डर पर सड़क निर्माण, भूस्खलन रोकने और सुरक्षित तकनीक पर होंगे शोध; जानें खास
आईआईटी बीएचयू और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) ने पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण को सुरक्षित बनाने के लिए समझौता किया है। इसके तहत भूस्खलन रोकने, आधुनिक निर्माण तकनीक विकसित करने और राजमार्गों की रियल टाइम निगरानी पर शोध होगा। इससे दुर्गम क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
विस्तार
आईआईटी बीएचयू और एनएचआईडीसीएल मिलकर राजमार्ग तकनीक पर शोध करेंगे। पहाड़ी और बॉर्डर इलाकों में सड़क निर्माण, भूस्खलन रोकने और सुरक्षित राजमार्ग विकसित किया जाएगा।
नेशनल हाईवेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) ने राजमार्ग को विकसित करने, तकनीकी नवाचार और संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली में मुख्यालय में हुए समझौते के तहत दोनों संस्थान के बीच हाईटेक राजमार्ग इंजीनियरिंग, ढलानों को तैयार करने, लंबे समय तक टिके रहने लायक सड़क निर्माण तकनीक और सड़क नेटवर्क तैयार करने के लिए रियल टाइम निगरानी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।
इसके अलावा, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में राजमार्ग निर्माण से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त शोध परियोजनाएं भी चलाई जाएंगी। इस साझेदारी के अंतर्गत आईआईटी बीएचयू सड़क निर्माण सामग्री के परीक्षण, संरचनात्मक सुरक्षा के आकलन, तकनीकी परामर्श और एनएचआईडीसीएल की परियोजनाओं से जुड़ी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
विद्यार्थियों और अभियंताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और इंटर्नशिप के अवसर भी विकसित किए जाएंगे। समझौता हस्ताक्षर समारोह में एनएचआईडीसीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. किशन कुमार (आईएएस), निदेशक (तकनीकी) अमरेंद्र कुमार, आईआईटी (बीएचयू) के शोध और विकास अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के चेयर प्रोफेसर प्रो. अंकित गुप्ता उपस्थित रहे।
डॉ. किशन कुमार ने शैक्षणिक अनुसंधान और वास्तविक निर्माण कार्यों के बीच बेहतर समन्वय की बात कही। प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि इस सहयोग से संस्थान में विकसित शोध को सड़क परिवहन क्षेत्र की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ने में मदद मिलेगी।