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बीएचयू अस्पताल में मरीजों की कैसे हुई थी मौत, हाईकोर्ट को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 24 Oct 2017 04:19 PM IST
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बीएचयू अस्पताल
- फोटो : self
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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में छह-सात जून को हुई मरीजों की मौत के मामले की जांच रिपोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गई है। हाईकोर्ट ने डीजी हेल्थ के निर्देशन में तीन सदस्यीय जांच समिति बनाने के साथ ही 20 अक्तूबर तक रिपोर्ट मांगी थी।
कुलपति की ओर से आईएमएस डायरेक्टर प्रो. वीके शुक्ला की अध्यक्षता वाली कमेटी ने भी जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है। अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मरीजों की ऑपरेशन थिएटर में मौत हो गई थी। आनन-फानन में बीएचयू प्रशासन ने फैक्ट फाइडिंग कमेटी बनाई थी, जिसने प्रथम दृष्टया नाइट्रस आक्साइड और आइसोफ्लोरेन इंजेक्शन पर सवाल उठाए थे।
इसके बाद गहन जांच के लिए प्रो. शुक्ला की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। मामले में नाइट्रस आक्साइड और इंजेक्शन के सैंपल बाहर जांच के लिए भेजे गए थे। उसमें गाजियाबाद की एक जांच कंपनी की रिपोर्ट आई थी मरीजों के इलाज में जो नाइट्रस आक्साइड गैस का इस्तेमाल हुआ था, वह औद्योगिक उपयोग वाला था।
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इसी बीच पूर्व छात्रनेता भुवनेश्वर द्विवेदी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने डीजी हेल्थ को जांच कराकर रिपोर्ट 20 अक्तूबर तक देने को कहा था।
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कुलपति की ओर से आईएमएस डायरेक्टर प्रो. वीके शुक्ला की अध्यक्षता वाली कमेटी ने भी जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है। अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मरीजों की ऑपरेशन थिएटर में मौत हो गई थी। आनन-फानन में बीएचयू प्रशासन ने फैक्ट फाइडिंग कमेटी बनाई थी, जिसने प्रथम दृष्टया नाइट्रस आक्साइड और आइसोफ्लोरेन इंजेक्शन पर सवाल उठाए थे।
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इसके बाद गहन जांच के लिए प्रो. शुक्ला की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। मामले में नाइट्रस आक्साइड और इंजेक्शन के सैंपल बाहर जांच के लिए भेजे गए थे। उसमें गाजियाबाद की एक जांच कंपनी की रिपोर्ट आई थी मरीजों के इलाज में जो नाइट्रस आक्साइड गैस का इस्तेमाल हुआ था, वह औद्योगिक उपयोग वाला था।
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इसी बीच पूर्व छात्रनेता भुवनेश्वर द्विवेदी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने डीजी हेल्थ को जांच कराकर रिपोर्ट 20 अक्तूबर तक देने को कहा था।