बीएचयू के रेजिडेंट डॉक्टरों ने बढ़ाई हड़ताल, मांगें नहीं मानने पर इमरजेंसी सेवा बंद करने की चेतावनी
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बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में रेजिडेंटों की हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। इस वजह से दूर-दराज से आए मरीजों और उनके तीमारदारों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। ओपीडी में आए मरीज इलाज के लिए इंतजार करते रहे तो कई परिजन मरीजों को स्ट्रेचर और ट्राइसाइकिल पर लेकर घूमते रहे। हड़ताल के चलते जांच तो प्रभावित हुई ही, साथ ही ऑपरेशन भी टालना पड़ा।
सातवें वेतन आयोग की मांग को लेकर सोमवार से चल रही हड़ताल की वजह से मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बाल रोग विभाग के पास जहां बच्चों को दिखाने के लिए लोग खड़े रहे तो स्त्री रोग विभाग की ओपीडी के सामने महिलाएं भी चिकित्सकों का इंतजार करती रहीं।
इसके अलावा हृदय रोग विभाग, मार्डन मेडिसिन, गैस्ट्रोलॉजी, इंडोक्राइनोलॉजी आदि विभागों में भी पर्चा जमा कर मरीज अपनी बारी का इंतजार करते रहे। उनका पर्चा तो समय से जमा हो गया लेकिन डॉक्टर को दिखाने के लिए तीन से चार घंटे का इंतजार करना पड़ा। उधर, वार्डों में भर्ती मरीजों को भी परेशानी हुई। वरिष्ठ चिकित्सकों ने सुबह तो देखा लेकिन हड़ताल की वजह से रेजीडेंट नहीं गए।
शुक्रवार तक हड़ताल का एलान :
इस बीच रेजिडेटों की कुलपति प्रो राकेश भटनागर के साथ बातचीत बेनतीजा रही। नतीजतन रेजिडेंटों ने शुक्रवार तक हड़ताल जारी रखने का एलान कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि शुक्रवार तक मांगें नहीं मानी गईं तो शनिवार से इमरजेंसी, आईसीयू, लेबर रूम में भी काम नहीं करेंगे।
हड़ताल का असर, जांच, ऑपरेशन का गिरा ग्राफ :
बीएचयू अस्पताल में मंगलवार को हड़ताल जारी रहने की वजह से सोमवार की तुलना में पर्चे भी कम बिके। सोमवार को जहां 3098 पर्चे बिके थे, वहीं मंगलवार को यह घटकर 2036 तक पहुंच गया। इसके अलावा ऑपरेशन भी टालना पड़ा। सोमवार को कुल 83 ऑपरेशन हुए थे, जबकि मंगलवार को महज 40 ही हुए। इसके अलावा सोमवार की 3022 जांचों के सापेक्ष मंगलवार को 2622 लोगों की जांच हो सकी।