बीएचयू अस्पताल: जहां डॉक्टर देखते हैं मरीज, वहां चलेगी कैंटीन; हृदय रोग विभाग के प्रोफेसर ने जताई आपत्ति
Varanasi News: बीएचयू अस्पताल में जहां डॉक्टर मरीज देखते हैं वहां कैंटीन चलाने को लेकर हृदय रोग विभाग के प्रोफेसर ने आपत्ति जताई। कहा कि बिना जानकारी के रात में ताला तोड़ा गया।
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बीएचयू अस्पताल में जिस जगह पर हृदय रोगियों की टूडी इको, टीएमटी जैसी जरूरी जांच होती थी, वहां अब कैंटीन चलाया जाएगा। यहीं नहीं जिस भवन में कैंटीन चलाए जाने की तैयारी है, वहीं बगल में हृदय रोग विभाग के डॉक्टरों(शिक्षकों)के चेंबर भी हैं। जिसमें हर दिन मरीज दिखाने आते हैं, उनके साथ तीमारदार भी आते हैं। विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर अस्पताल प्रशासन के कैंटीन खोले जाने के फैसले पर आपत्ति जताते हुए जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विभाग के अपने चेंबर में मीडिया से बात करते हुए प्रो. ओमशंकर ने कहा कि कैंटीन वाली जगह का ताला भी रात में जबरन तोड़ा गया। इसकी जानकारी विभागाध्यक्ष सहित किसी भी विभाग के सदस्य को भी नहीं दी गई। यहीं नहीं न तो कार्यकारिणी परिषद से मंजूरी ली गई है और न ही टेंडर के नियमों का पालन किया गया है। पहले तो हृदय रोग विभाग की जगह को कम कर मरीजों के हितों के साथ खिलवाड़ किया गया है, अब विभाग की बिल्डिंग में कैंटीन चलाने का फैसला लिया गया, जो कि बहुत गलत है।
एक तो विभाग की जिस बिल्डिंग में कैंटीन चलाने के लिए जगह दी गई है,उसकी फायर एनओसी भी नहीं है। दूसरे यहीं बगल में डॉक्टर बैठकर मरीज देखते हैं और अपना विभागीय कामकाज भी करते हैं। वहां कैंटीन चलने के बाद आग जलाया जाएगा तो कभी भी कोई घटना हो सकती है। ऐसे में कैंटीन चलाने का फैसला अस्पताल प्रशासन की ओर से चिकित्सकों, मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ और विभाग को समाप्त करने की सुनियोजित साजिश है।
अस्पताल में खाली हैं कई जगह, फिर भी विभाग में बनवा रहे कैंटीन
विभागाध्यक्ष और नियमानुसार विभाग के शिक्षकों की समिति को इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इस पर विभागीय समिति ने भी आपत्ति की है। पहले ही कार्डियोलॉजी विभाग के 47 बेड, पुराना कैथ लैब और सीसीयू को जबरन अपने कब्जे में अस्पताल प्रशासन ने ले लिया है, अब विभाग के लिए निर्धारित लाइब्रेरी, सेमिनार रूम, कंसल्टेंट चैंबर, पीएचडी शोधार्थियों की रिसर्च लैब जैसी अत्यंत आवश्यक शैक्षणिक-चिकित्सकीय जगहों में कैंटीन चलाने का आदेश दे दिया गया है।
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क्या बोले अधिकारी
ट्रॉमा सेंटर की तरह ही अस्पताल में मरीजों के लिए पेशेंट किचन चलाने के लिए टेंडर प्रक्रिया की गई है। जिसको चलाने का टेंडर मिला है, उनको एमएस की ओर से जगह एलाट किया गया है। जब टेंडर हुआ तो ताला तोड़ने की बात भी गलत है। यहां जब से काम शुरू हुआ तब अगर कोई समस्या थी तो लिखित आपत्ति करनी चाहिए थी। -प्रो.एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस