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BHU विमेन ग्रीवांस सेल में छात्राओं का रुझान कम, 14 दिन में महज तीन शिकायतें
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:34 AM IST
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बीएचयू
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में बीते 21 सितंबर को छात्रा के साथ छेड़खानी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने व्यवस्था सुधार की दिशा में कुछ फैसले किए थे। इसी क्रम में विमेन ग्रीवांस सेल का हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया।
साथ ही, फेसबुक, ट्विटर पर भी छात्राओं को शिकायतें करने की सुविधा दी गई लेकिन इसका कुछ खास असर नहीं दिख रहा है। 29 सितंबर को ग्रीवांस सेल का नंबर जारी करने के 14 दिन बाद भी अब तक महज तीन शिकायतें आई हैं।
माना जा रहा है कि या तो इस प्लेटफॉर्म पर शिकायत करने में छात्राओं की दिलचस्पी कम है या उन्हें इनकी सही जानकारी नहीं हो सकी है। परिसर में छात्राओं के आंदोलन और 23 सितंबर को लाठीचार्ज के बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओएन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था।
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तब 29 सितंबर को प्रो. रोयाना सिंह को चीफ प्रॉक्टर बनाया गया था। उस समय उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए कैंपस में महिला सुरक्षा गार्ड लगाए जाने के साथ ही विमेन ग्रीवांस सेल का हेल्पलाइन नंबर 8004922000 जारी करते हुए छात्राओं से इस पर शिकायत करने की अपील की थी।
इसके बाद से ही महिला महाविद्यालय, त्रिवेणी हॉस्टल सहित अन्य महिला छात्रावासों के गेट पर सूचना चस्पा कराई गई थी।
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साथ ही, फेसबुक, ट्विटर पर भी छात्राओं को शिकायतें करने की सुविधा दी गई लेकिन इसका कुछ खास असर नहीं दिख रहा है। 29 सितंबर को ग्रीवांस सेल का नंबर जारी करने के 14 दिन बाद भी अब तक महज तीन शिकायतें आई हैं।
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माना जा रहा है कि या तो इस प्लेटफॉर्म पर शिकायत करने में छात्राओं की दिलचस्पी कम है या उन्हें इनकी सही जानकारी नहीं हो सकी है। परिसर में छात्राओं के आंदोलन और 23 सितंबर को लाठीचार्ज के बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओएन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था।
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तब 29 सितंबर को प्रो. रोयाना सिंह को चीफ प्रॉक्टर बनाया गया था। उस समय उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए कैंपस में महिला सुरक्षा गार्ड लगाए जाने के साथ ही विमेन ग्रीवांस सेल का हेल्पलाइन नंबर 8004922000 जारी करते हुए छात्राओं से इस पर शिकायत करने की अपील की थी।
इसके बाद से ही महिला महाविद्यालय, त्रिवेणी हॉस्टल सहित अन्य महिला छात्रावासों के गेट पर सूचना चस्पा कराई गई थी।
अब तो उठने लगे सवाल..
प्रो. रोयाना सिंह
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद हॉस्टलों में जाकर चीफ प्राक्टर ने टिवटर, फेसबुक, ईमेल आईडी भी छात्राओं को बताई थी। जिस तरह से चौदह दिन में महज तीन शिकायतें आई हैं, उससे यह भी सवाल उठ रहा है कि अधिक से अधिक छात्राओं को अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं है या तो वह सोशल मीडिया पर शिकायत करने से बचना चाहती हैं।
जो तीन शिकायतें आई हैं, उसमें एक छात्रा ने हॉस्टल के बाहर कुछ लड़कों द्वारा परेशान करने की शिकायत की है। दूसरी शिकायत हॉस्टल न मिलने की है। इसके अलावा एक छात्रा ने कार सवार एक युवक द्वारा गाड़ी रोककर कमेंट करने की शिकायत की है।
चीफ प्रॉक्टर ने अधिक से अधिक छात्राओं को शिकायत करने और समस्याएं बताने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अब तक जो भी शिकायतें आईं, उनका तत्काल निस्तारण कराया जा रहा है।
जो तीन शिकायतें आई हैं, उसमें एक छात्रा ने हॉस्टल के बाहर कुछ लड़कों द्वारा परेशान करने की शिकायत की है। दूसरी शिकायत हॉस्टल न मिलने की है। इसके अलावा एक छात्रा ने कार सवार एक युवक द्वारा गाड़ी रोककर कमेंट करने की शिकायत की है।
चीफ प्रॉक्टर ने अधिक से अधिक छात्राओं को शिकायत करने और समस्याएं बताने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अब तक जो भी शिकायतें आईं, उनका तत्काल निस्तारण कराया जा रहा है।