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बीएचयू के छात्र रहे भूपेन हजारिका को मरणोपरांत दिया जाएगा भारत रत्न
Sun, 27 Jan 2019 10:13 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: shashikant misra
Updated Sun, 27 Jan 2019 10:13 AM IST
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भूपेन हजारिका
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70वें गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर नानाजी देशमुख, भूपेन हजारिका और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित करने का एलान किया गया है। नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों के योगदान का जिक्र करते हुए इन्हें भारत रत्न दिए जाने पर खुशी जताई है। इनमें भूपेन हजारिका ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 1944 में बीए और 1946 में एमए (राजनीति विज्ञान) की पढ़ाई की थी।
भूपेन हजारिका भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम से एक बहुमुखी प्रतिभा के गीतकार, संगीतकार और गायक थे। इसके अलावा वे असमिया भाषा के कवि, फिल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार भी रहे थे। वह अपने गीत खुद लिखते थे, संगीतबद्ध करते थे और गाते थे।
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उन्होंने कविता लेखन, पत्रकारिता, गायन, फिल्म निर्माण आदि अनेक क्षेत्रों में काम किया। अपनी मूल भाषा असमिया के अलावा भूपेन हजारिका हिंदी, बंगला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे थे। उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारिका के गीत और संगीत को हर पीढ़ी के लोग पसंद करते हैं। उनसे न्याय, सौहार्द और भाइचारे का संदेश प्रसारित होता है। उन्होंने दुनियाभर में भारतीय संगीत परंपराओं को लोकप्रिय कराया। खुश हूं कि भूपेन दा को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों के योगदान का जिक्र करते हुए इन्हें भारत रत्न दिए जाने पर खुशी जताई है। इनमें भूपेन हजारिका ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 1944 में बीए और 1946 में एमए (राजनीति विज्ञान) की पढ़ाई की थी।
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भूपेन हजारिका भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम से एक बहुमुखी प्रतिभा के गीतकार, संगीतकार और गायक थे। इसके अलावा वे असमिया भाषा के कवि, फिल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार भी रहे थे। वह अपने गीत खुद लिखते थे, संगीतबद्ध करते थे और गाते थे।
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उन्होंने कविता लेखन, पत्रकारिता, गायन, फिल्म निर्माण आदि अनेक क्षेत्रों में काम किया। अपनी मूल भाषा असमिया के अलावा भूपेन हजारिका हिंदी, बंगला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे थे। उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारिका के गीत और संगीत को हर पीढ़ी के लोग पसंद करते हैं। उनसे न्याय, सौहार्द और भाइचारे का संदेश प्रसारित होता है। उन्होंने दुनियाभर में भारतीय संगीत परंपराओं को लोकप्रिय कराया। खुश हूं कि भूपेन दा को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।