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BHU: जापान में बीएचयू का शिक्षा मॉडल, तोयो विश्वविद्यालय के 21 सदस्यों ने सीखी संस्कृत
Thu, 26 Feb 2026 05:46 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Thu, 26 Feb 2026 05:46 PM IST
सार
जापान के तोयो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. केंजी ताकाहासी और उनके 21 सदस्यों से कुलपति ने पूछा कि भविष्य में कितने विद्यार्थी फिर से बीएचयू और वाराणसी आना चाहेंगे।
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जापान के प्रतिनिधिमंडल के साथ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जापान से आए 21 विद्यार्थियों और विद्वानों के दल ने 10 दिनों तक बीएचयू में धर्म दर्शन और आध्यात्म की कक्षाएं कीं। काशी और सारनाथ के धरोहरों को देखकर उसकी ऐतिहासिक विरासत और विज्ञान को समझा। संस्कृत, श्लोक, हिंदी, तबला, कथक और योग को समझा।
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बीएचयू के इस शिक्षा मॉडल को अब जापान में प्रस्तुत किया जाएगा। जापान लौटने से एक दिन पहले बुधवार को इस दल ने कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी से मुलाकात की।
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कुलपति ने उनसे काशी में आकर पढ़ने के लिए आमंत्रित किया। इस पर जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सहमति जताई। जापान के तोयो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. केंजी ताकाहासी और उनके 21 सदस्यों से कुलपति ने पूछा कि भविष्य में कितने विद्यार्थी फिर से बीएचयू और वाराणसी आना चाहेंगे। इस पर सभी विद्यार्थियों ने शैक्षणिक सहभागिता के लिए साथ आने की इच्छा जताई।
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जापानी छात्रा ने किया श्लोकों का पाठ
तोयो की छात्रा अकारी शिमिजु ने संस्कृत श्लोकों का पाठ किया। अतिथि देवो भव की भारतीय भावना पर अपने विचार साझा किए। यूई हाशिमोटो ने भारतीय संगीत, भाषा और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपने अध्ययन-अनुभवों को भी साझा किया। अंतरराष्ट्रीय केंद्र से प्रो. राजेश सिंह ने प्रतिनिधिमंडल का परिचय कराया।
पाली एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार यादव ने कुलपति को विद्यार्थियों के लिए आयोजित विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सुषमा घिल्डियाल, प्रो. प्रीति दुबे, डॉ. बुद्ध घोष और डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह मौजूद रहे।