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खुलासाः बीएचयू में नियम ताक पर रखकर कर दीं 100 से अधिक नियुक्तियां

Wed, 04 Apr 2018 10:47 AM IST
रबीश श्रीवास्तव,अमर उजाला, वाराणसी
रबीश श्रीवास्तव,अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 04 Apr 2018 10:47 AM IST
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BHU corruption busted more than 100 joining is illegal
बीएचयू - फोटो : file
बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर तक के 100 से अधिक पदों पर नियमों को ताक पर रखकर नियुक्ति की गई है। पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में इन पदों पर हुई नियुक्तियों को कार्यकारिणी परिषद के मिनट्स मंजूर हुए बगैर ही नियुक्ति पत्र दे दिया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आईएमएस) से लेकर अन्य संस्थानों और संकायों में नियुक्त शिक्षकों ने अध्यापन भी शुरू कर दिया है।
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एक आरटीआई में हुए खुलासे से कार्यकारिणी परिषद की बैठक में खुले बताए गए नियुक्ति संबंधी लिफाफों की सत्यता पर असमंजस बढ़ गया है। आरटीआई के जवाब में विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी खामियों को छिपाने के लिए दो जवाब दिए हैं।
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एक तरफ लिखा कि 20 अगस्त, 17 के बाद कार्यकारिणी परिषद की बैठक नहीं हुई है। दूसरे जवाब में यह भी लिखा कि 26 सितंबर, 17 को बैठक तो हुई पर बैठक के मिनट्स को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
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विश्वविद्यालय परिसर में 23 सितंबर, 17 की रात को छात्राओं के आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज के बहुचर्चित मामले के बाद प्रो. त्रिपाठी ने 26 सितंबर को कार्यकारिणी परिषद की बैठक दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में बुलाई थी।

इसमें शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित लिफाफे खोले गए थे। नवनियुक्त शिक्षकों को तत्काल नियुक्ति पत्र दे दिए गए। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक इस बैठक के मिनट्स मंजूर नहीं हुए हैं। जानकारों की मानें तो मिनट्स की मंजूरी हुए बगैर नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सकता।

इन्होंने डाला था आरटीआई

BHU corruption busted more than 100 joining is illegal
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वाराणसी के लहुराबीर निवासी विनीत श्रीवास्तव ने नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए आरटीआई के जरिए विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा था। जो जवाब मिला है, उससे नियुक्तियों पर संकट खड़ा सकता है।

दरअसल, इसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। इसके अलावा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्रालय में इसको लेकर दर्जनभर शिकायतें भी की गई हैं।

बीएचयू कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि मामले में शिकायत आने पर नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा। मेरे कार्यकाल में किसी भी पद पर होने वाली नियुक्तियों में पारदर्शिता बरतने के साथ ही नियमानुसार योग्यता को ही मुख्य आधार बनाया जाएगा।
 
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