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BHU Convocation 2023: 3319 विद्यार्थियों को उपाधि, 31 को गोल्ड मेडल; मेधावियों ने बताया सफलता का मंत्र

Tue, 19 Dec 2023 05:09 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 19 Dec 2023 05:09 PM IST
सार

स्वतंत्रता भवन में बसंत महिला महाविद्यालय के दीक्षांत में 1083 छात्राओं को उपाधि दी गई। 13 छात्राओं को गोल्ड मेडल दिया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान, सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगचु दोर्जे नेगी ने कहा कि बीएचयू में पढ़ना गौरव की बात है। छात्र-छात्राएं देश-विदेश में महामना का नाम रोशन कर रहे हैं।

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BHU Convocation 2023: Degree to 3319 students, gold medal to 31; The intelligent ones told the mantra of succe
वसंत महिला महाविद्यालय की छात्राएं - फोटो : रोहित सोनकर

विस्तार

बीएचयू के दीक्षांत समारोह के तीसरे दिन सोमवार को तीन संबद्ध कॉलेजों के 3319 विद्यार्थियों को उपाधि और 31 मेडल दिए गए। इसके साथ ही तीन दिवसीय दीक्षांत समारोह का समापन हुआ।

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डीएवी पीजी कॉलेज के मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. वीके शुक्ला ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ धनार्जन नहीं होना चाहिए। शिक्षा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब ये आपको चरित्रवान बनाती है। बीएचयू के मालवीय मूल्य अनुशीलन सभागार में डीएवी पीजी कॉलेज, केएन उडप्पा सभागार में आर्य महिला पीजी कॉलेज व स्वतंत्रता भवन में बसंत महिला महाविद्यालय राजघाट के विद्यार्थियों को उपाधि दी गई। आर्य महिला में 18 गोल्ड मेडल व 1104 उपाधियां दी गईं। डीएवी पीजी कॉलेज में 1132 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी गई।

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स्वतंत्रता भवन में बसंत महिला महाविद्यालय के दीक्षांत में 1083 छात्राओं को उपाधि दी गई। 13 छात्राओं को गोल्ड मेडल दिया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान, सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगचु दोर्जे नेगी ने कहा कि बीएचयू में पढ़ना गौरव की बात है। छात्र-छात्राएं देश-विदेश में महामना का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को चाहिए कि वह भारतीय संस्कृति और वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को आत्मसात करके महामना के स्वप्नों को साकार करें।जोड़

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एक ही परिवार के चार पीढि़यों के नाम से बटा मेडल

दीक्षांत समारोह में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। समारोह में एक परिवार की चार पीढि़यों के नाम से मेडल दिया गया। प्रो. अमर ज्योति सिंह मेडल के साथ ही उनके परदादा ठाकुर जयपाल सिंह, दादा ठाकुर संग्राम सिंह व सूर्यमुखी देवी, पिता आरपी सिंह आईआरएसई एवं रामावती सिंह गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। एमए राजनीति विज्ञान में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली आर्य महिला पीजी कॉलेज की छात्रा पूर्वा शर्मा को ठाकुर जयपाल सिंह, ठाकुर संग्राम सिंह व सूर्यमुखी देवी मेडल दिया गया। एमएससी गणित में सर्वाधिक अंक पाने वाले कुलदीप सिंह को आरपी सिंह आईआरएसई एवं रामावती सिंह गोल्ड मेडल मिला। एमए समाजशास्त्र में की छात्रा प्रज्ञा चतुर्वेदी को प्रो. अमर ज्योति गोल्ड मेडल मिला।

आद्रिका को मिले आठ मेडल

झारखंड धनबाद निवासी आर्य महिला पीजी कॉलेज की बीकॉम की छात्रा आद्रिका को सबसे ज्यादा आठ मेडल मिले। उन्होंने बताया कि बैंकिंग क्षेत्र में कॅरिअर बनना है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उन्नति का आधार बैंक ही है। बताया कि पिता और माता दोनों डॉक्टर हैं।

 

BHU Convocation 2023: Degree to 3319 students, gold medal to 31; The intelligent ones told the mantra of succe
कॉलेज की छात्राएं - फोटो : संवाद

पिता का सपना करना है साकार

आर्य महिला पीजी कॉलेज की छात्रा सुल्तानपुर की सौम्या को स्नातक में गोल्ड मेडल मिला है। पिता इलेक्ट्रिशियन हैं। सौम्या ने बताया कि पिता दिन रात मेहनत करते हैं। उनका सपना है कि मैं आईएएस बनूं। इसके लिए दिन रात मेहनत कर रही हूं।

वसंत महिला महाविद्यालय की शोखी श्रीवास्तव ने बीए साइकोलाॅजी (ऑनर्स) में 8.96 सीजीपीए लाकर दो पदक हासिल किए। पहला बीएचयू गोल्ड मेडल और दूसरा पूनम मेमोरियल गोल्ड मेडल। शोखी मूलत: भोपाल से हैं। मेन कैंपस से साइकोलॉजी में एमए कर रही हैं। शोखी साइकोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं।

वसंत महिला महाविद्यालय की नजीफा ने उर्दू (ऑनर्स) से 8.51 सीजीपीए के साथ स्नातक किया है। वह मौलाना आजाद विवि, हैदराबाद से डिस्टेंस लर्निंग से उर्दू में पीजी कर रही हैं। सफलता का श्रेय माता-पिता को देती हैं। पढ़ाई को वह रोजगार के अलावा एक अच्छा इंसान बनने का माध्यम मानती हैं।

डीएवी पीजी कॉलेज के अभिषेक तिवारी ने संस्कृत से एमए में 8.75 सीजीपीए हासिल किया है। गोंडा के अभिषेक रामायण पर शोध करना चाहते हैं। युवाओं को संस्कृत में अध्ययन के लिए वह प्रेरित करना चाहते हैं।

आर्या महिला पीजी काॅलेज की नीतू विश्वकर्मा ने 7.50 सीजीपीए हासिल कर एआईएचसी आर्कियोलॉजी में पीजी की उपाधि प्राप्त की है। उनका कहना है कि परिवार का विश्वास महिलाओं को आगे बढ़ने में बहुत मदद करता है। महिलाओं को भी परिवारजनों का भरोसा बनाए रखना चाहिए। वह शिक्षिका बनना चाहती हैं।

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