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प्रवेश परीक्षा के विरोध में धरना जारी, एनएसयूआई, यूथ फार स्वराज का समर्थन
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वाराणसी। कोरोना काल में बीएचयू की प्रवेश परीक्षा न कराए जाने की मांग को लेकर छात्र अधिष्ठाता कार्यालय पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्य नीरज राय का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। इधर सोमवार को एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही यूथ फॉर स्वराज ने भी धरने का समर्थन किया है। नीरज ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भेजकर बिहार में परीक्षा न कराने की मांग भी की है।
बीएचयू में स्नातक और स्नातकोतर में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा 24 अगस्त से शुरू हो रही हैं। दो चरण (24 अगस्त से 30 अगस्त और 9 से 14 सितंबर) में होने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए मंगलवार तक वेबसाइट पर प्रवेश पत्र भी अपलोड होने की संभावना है। इधर कोरोना संक्रमण को देखते हुए परीक्षा न कराने की मांग को लेकर छात्र अधिष्ठाता कार्यालय पर धरने पर बैठे ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्य नीरज का कहना है कि जिस तरह से कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं और देश में अलग-अलग जगहों पर बाढ़ का प्रकोप है। ऐसी स्थिति में परीक्षा कराया जाना न्यायसंगत नहीं है। इधर सोमवार को छात्र अधिष्ठाता प्रोफेसर एमके सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर ओपी राय भी नीरज से बात करने पहुंचे लेकिन मांग पूरी होने तक नीरज ने धरने पर अड़े होने की बात कही। नीरज ने बताया कि विश्वविद्यालय अधिकारियों ने इस बारे में कुलपति को भी अवगत कराने की जानकारी दी है लेकिन जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक धरना जारी रहेगा। उधर एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अपना समर्थन दिया और कुलपति को ज्ञापन सौंपकर प्रवेश परीक्षा न कराने की मांग की। नीरज ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी पत्र भेजकर वहां किसी तरह की परीक्षा आयोजित न करने की मांग की गई है। बड़ी संख्या में बिहार के भी छात्र-छात्रा बीएचयू की प्रवेश परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण के दौर में होने वाली परीक्षा छात्रों के हित में नहीं हैं।
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बीएचयू में स्नातक और स्नातकोतर में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा 24 अगस्त से शुरू हो रही हैं। दो चरण (24 अगस्त से 30 अगस्त और 9 से 14 सितंबर) में होने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए मंगलवार तक वेबसाइट पर प्रवेश पत्र भी अपलोड होने की संभावना है। इधर कोरोना संक्रमण को देखते हुए परीक्षा न कराने की मांग को लेकर छात्र अधिष्ठाता कार्यालय पर धरने पर बैठे ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्य नीरज का कहना है कि जिस तरह से कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं और देश में अलग-अलग जगहों पर बाढ़ का प्रकोप है। ऐसी स्थिति में परीक्षा कराया जाना न्यायसंगत नहीं है। इधर सोमवार को छात्र अधिष्ठाता प्रोफेसर एमके सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर ओपी राय भी नीरज से बात करने पहुंचे लेकिन मांग पूरी होने तक नीरज ने धरने पर अड़े होने की बात कही। नीरज ने बताया कि विश्वविद्यालय अधिकारियों ने इस बारे में कुलपति को भी अवगत कराने की जानकारी दी है लेकिन जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक धरना जारी रहेगा। उधर एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अपना समर्थन दिया और कुलपति को ज्ञापन सौंपकर प्रवेश परीक्षा न कराने की मांग की। नीरज ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी पत्र भेजकर वहां किसी तरह की परीक्षा आयोजित न करने की मांग की गई है। बड़ी संख्या में बिहार के भी छात्र-छात्रा बीएचयू की प्रवेश परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण के दौर में होने वाली परीक्षा छात्रों के हित में नहीं हैं।
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