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आक्सीजन की कमी से कोविड अस्पतालों में नहीं जूझेंगे मरीज
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वाराणसी। जिले के कोविड हॉस्पिटल में भर्ती गंभीर मरीजों को अब ऑक्सीजन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मरीजों को समय से ऑक्सीजन मिल सके इसके लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन हाईफ्लोहीटेड रेस्पिरेटरी ह्यूमिडिफायर मशीन दी गई है।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की पहल पर रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से ऐसी दो मशीनें दीनदयाल अस्पताल कोविड हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी शुक्ला को सौंपी गईं। इसके अलावा कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने भी अपने स्तर से दो मशीन बीएचयू अस्पताल को दिलवाई है। जिलाधिकारी ने बताया कि आगे भी जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों के इलाज के लिए और भी मशीनें मंगवाई जाएंगी।
यह होगा फायदा
रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव और एडिशनल सीएमओ डॉ. संजय राय ने बताया कि ऐसे गंभीर मरीज जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 90 या उससे काफी कम है इस मशीन की मदद से नेसल कैनुला को जोड़कर नाक के रास्ते 31 से 34 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर 10 से 60 लिटर ऑक्सीजन प्रति मिनट की दर से और बच्चों में भी पीडियाट्रिक नेसल कैनुला की मदद से 2 से 10 लिटर ऑक्सीजन प्रति मिनट की दर से दिया जा सकता है। इस मशीन से हाई फ्लो ऑक्सीजन देने से मरीज का ऑक्सीजन सेचुरेशन 95 प्रतिशत से ऊपर मेंटेन हो जाता है।
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कमिश्नर दीपक अग्रवाल और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की पहल पर रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से ऐसी दो मशीनें दीनदयाल अस्पताल कोविड हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी शुक्ला को सौंपी गईं। इसके अलावा कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने भी अपने स्तर से दो मशीन बीएचयू अस्पताल को दिलवाई है। जिलाधिकारी ने बताया कि आगे भी जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों के इलाज के लिए और भी मशीनें मंगवाई जाएंगी।
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यह होगा फायदा
रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव और एडिशनल सीएमओ डॉ. संजय राय ने बताया कि ऐसे गंभीर मरीज जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 90 या उससे काफी कम है इस मशीन की मदद से नेसल कैनुला को जोड़कर नाक के रास्ते 31 से 34 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर 10 से 60 लिटर ऑक्सीजन प्रति मिनट की दर से और बच्चों में भी पीडियाट्रिक नेसल कैनुला की मदद से 2 से 10 लिटर ऑक्सीजन प्रति मिनट की दर से दिया जा सकता है। इस मशीन से हाई फ्लो ऑक्सीजन देने से मरीज का ऑक्सीजन सेचुरेशन 95 प्रतिशत से ऊपर मेंटेन हो जाता है।
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