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कोरोना की नई चुनौतियों पर व्यापक अधिनियम बनाना जरूरी
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वाराणसी। बीएचयू विधि संकाय की ओर से आयोजित वेबिनार में वक्ताओं ने कोरोना महामारी से जुड़ी चुनौतियों और स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की। भारतीय विधि संस्थान नई दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. शिव कुमार ने महामारी अधिनियम और उसमें किए गए संशोधनों की चर्चा करते हुए कहा कि जो लोग इस महामारी के समय सेवा दे रहे हैं उन्हें विधि का संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में नई चुनौतियों के आलोक में एक व्यापक अधिनियम बनाने की जरूरत है।
कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि जहां डॉक्टर, पुलिस कर्मी, सफाई कर्मी सहित अन्य लोग अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, वहीं इस दौर में शिक्षकों और शोधार्थियों को भी इस समस्या का हल निकालने के लिए आगे आना होगा। आयुर्वेद संकाय से डॉ. पीएस उपाध्याय ने रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाली औषधियों की चर्चा की और गिलोय और यूकेलिप्टस के पतों के महत्व को बताया। मनोचिकित्सक प्रो.संजय गुप्ता ने मानसिक मजबूती के उपाय बताएं और क्वारंटीन लोगों को मानसिक मजबूती के लिए प्रयोग करने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रांची के पूर्व कुलपति प्रो. बी सी निर्मल ने कहा कि महामारी किसी भी व्यक्ति में भेद नहीं करती। यूरोप से लेकर अफ्रीका तक लोग त्रस्त हैं इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामंजस्य बनाए रखने की जरूरत है। इस दौरान प्रोफेसर आरपी राय, डॉ. राजू माझी, डॉ. मयंक प्रताप, प्रो.धर्मेंद्र मिश्र आदि ने भाग लिया।
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कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि जहां डॉक्टर, पुलिस कर्मी, सफाई कर्मी सहित अन्य लोग अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, वहीं इस दौर में शिक्षकों और शोधार्थियों को भी इस समस्या का हल निकालने के लिए आगे आना होगा। आयुर्वेद संकाय से डॉ. पीएस उपाध्याय ने रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाली औषधियों की चर्चा की और गिलोय और यूकेलिप्टस के पतों के महत्व को बताया। मनोचिकित्सक प्रो.संजय गुप्ता ने मानसिक मजबूती के उपाय बताएं और क्वारंटीन लोगों को मानसिक मजबूती के लिए प्रयोग करने पर जोर दिया।
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राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रांची के पूर्व कुलपति प्रो. बी सी निर्मल ने कहा कि महामारी किसी भी व्यक्ति में भेद नहीं करती। यूरोप से लेकर अफ्रीका तक लोग त्रस्त हैं इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामंजस्य बनाए रखने की जरूरत है। इस दौरान प्रोफेसर आरपी राय, डॉ. राजू माझी, डॉ. मयंक प्रताप, प्रो.धर्मेंद्र मिश्र आदि ने भाग लिया।
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