जब गर्भवती का पति परेशान होकर मांग रहा था मदद, मददगार बना बीएचयू ब्लड बैंक का कर्मचारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहते हैं कि रक्तदान से बड़ा दान कोई और नहीं है। ऐसा करके आप किसी को नया जीवनदान दे सकते है। लेकिन दूसरों की बात कौन कहे लोग जरूरत पड़ने अपनों को भी ब्लड देने में डरते हैं। इस बीच बीएचयू ब्लड बैंक में कार्यरत आशुतोष सिंह ने जो किया उसकी जितनी सराहना की जाय वो कम है। आशुतोष ने चंदौली निवासी एक गर्भवती महिला के लिए प्लेटलेट्स देकर उसकी जान बचाई। इसके बाद जहां महिला के परिजनों ने उन्हें दुआएं दी, वहीं ब्लड बैंक से जुड़े लोगों ने आशुतोष के कार्य को खूब सराहा।
दरअसल, गर्भवती महिला की शनिवार देर रात किसी तरह डिलेवरी हो गई, लेकिन इसके बाद उसका प्लेटलेट्स बहुत कम हो गया। डाक्टरो ने तुरंत परिजनों को ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव के प्लेटलेट्स की व्यवस्था करने को कहा। परिजनों में किसी का ब्लड ग्रुप न मिलने की वजह से परेशान पति को देख ब्लड बैंक में कार्यरत आशुतोष सिंह ने आगे आकर महिला को प्लेटलेट्स देने की हिम्मत जुटाई औऱ जांच कराई तो उनका ब्लड ग्रुप महिला के ब्लड ग्रुप से मिल गया।
खास बात यह है कि महिला को आशुतोष सिंह ने सिंगल डोनर प्लेटलेट्स देकर उसकी जान बचाई। इस प्रकिया में दो घंटे का समय लगा। उधर आशुतोष के इस प्रयास को ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सन्दीप कुमार सिंह और सीएमओ इंचार्ज डॉ. एस के सिंह समेत सभी कर्मचारियों ने सराहा। ऐसा पहला अवसर नहीं है इसके पहले भी आशुतोष बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए आए कई मरीजों के लिए मददगार साबित हुए हैं।