बीएचयू नियुक्ति प्रकरण में फैसले से पहले ही एसोसिएट प्रोफेसर ने दिया इस्तीफा
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पढ़ेंः शिक्षक नियुक्ति में अनियमितता: बीएचयू के पास कोई जानकारी नहीं, बन गए शिक्षक
विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर प्रो. त्रिपाठी के कार्यकाल में 200 पदों पर नियुक्तियां हुई थी। इसमें आरक्षण का पालन न होने के साथ ही नियमों की अनदेखी की शिकायत भी हुई। आरटीआई में विश्वविद्यालय से जवाब में जो कागजात मिले, उससे भी अनियमितता का खुलासा हो चुका है।
इसी बीच 28 मई को हाईकोर्ट ने दायर याचिका पर याचीकर्ताओं को कुलपति के पास जाकर प्रत्यावेदन देने और प्रत्यावेदन से दो माह के भीतर कुलपति को मामले पर निर्णय लेने का आदेश पारित किया था। अभी जांच की प्रक्रिया चल रही थी कि विज्ञान संकाय के सांख्यिकी विभाग में पूर्व कुलपति प्रो. त्रिपाठी के कार्यकाल में नियुक्त एक एसोसिएट प्रोफेसर ने तीन जुलाई को डीएसटी सेंटर कोआर्डिटनेटर के पास अपना इस्तीफा दे दिया।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने 17 जुलाई को इस्तीफा स्वीकार करते हुए उसकी जानकारी शिक्षक को भी दे दी है। विज्ञान संस्थान के निदेशक ने जांच कर अपनी रिपोर्ट में नियुक्तियों में अनियमितता की पुष्टि की थी, उसमें इनका नाम भी शामिल है।
इधर, परिसर में इस्तीफे के कारण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इस्तीफा स्वीकारने की पुष्टि करते हुए पीआरओ डा. राजेश सिंह ने बताया कि संबंधित शिक्षक मध्यप्रदेश से यहां अवकाश लेकर आए थे, वहां पीएफ सहित अन्य आपत्तियों का निस्तारण न होने की वजह से ही इस्तीफा दिया। इसके अलावा जो भी चर्चाएं हो रही हैं, वह गलत है।