बीएचयू: 35 हजार आवेदक घटे, 95 हजार ने ही जमा की फीस; UG में प्रवेश के लिए 1.30 लाख रजिस्ट्रेशन
Varanasi News: बीएचयू की केंद्रीय प्रवेश समिति स्नातक प्रवेश की तैयारियों में जुट गई है। समिति के चेयरमैन प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि पंजीकरण कराने वाले सभी अभ्यर्थियों ने फीस भुगतान नहीं किया है। 95 हजार ने फीस जमा की है। आवेदनों में संशोधन की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। अब बैंक से डेटा कलेक्शन के बाद सीट आवंटन शुरू किया जाएगा।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पंजीकरण कराने वाले लगभग 1.30 लाख छात्र-छात्राओं में से 35 हजार ने फीस का भुगतान नहीं किया। इससे प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या घटकर 95 हजार रह गई है। आवेदनों में ऑनलाइन संशोधन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन बीएचयू सीट आवंटन की तैयारियों में जुट गया है।
बीएचयू और उससे संबद्ध महाविद्यालयों आर्य महिला पीजी कॉलेज, डीएवी डिग्री कॉलेज, वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा और वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट की 7712 सीटों पर प्रवेश के लिए 20 जुलाई से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है।
सीयूईटी का रिजल्ट न आने के कारण शुरुआती दौर में छात्र-छात्राएं केवल अपना प्रोफाइल भर पा रहे थे। दो अगस्त से बीएचयू ने कॉलेज और विषय वरीयता चयन के लिए भी विंडो खोल दिया। इसके बाद पंजीकरण की रफ्तार तेज हो गई।
अंतिम तिथि तक लगभग 1.30 लाख छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण करा लिया था, लेकिन फीस भुगतान 95 हजार ने ही किया। 35 हजार ने फीस जमा नहीं की। एक साथ कई पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने वाले कुछ छात्र-छात्राओं ने चुनिंदा पाठ्यक्रमों में ही फीस जमा की। इससे भी आवेदकों की संख्या कम हो गई।
स्नातक में प्रवेश के लिए सीट आवंटन का पहला चरण 17 को
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीट आवंटन का शेड्यूल 17 अगस्त को शाम पांच बजे जारी किया जाएगा। आवंटित अभ्यर्थी फीस का भुगतान 20 अगस्त तक ऑनलाइन कर सकेंगे।
बीएचयू की ओर से बुधवार को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक एक बार मेरिट सूची और सीट आवंटन के बाद छात्र-छात्राओं को सावधानी से समर्थ डैशबोर्ड पर चेक करना होगा। सीट आवंटन के प्रत्येक राउंड के बाद नियमित पोर्टल चेक करने की जिम्मेदारी भी अभ्यर्थियों की होगी। सीट अलॉट होने के बाद अभ्यर्थी को सभी जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करनी होंगी।
विद्यापीठ में 2 से 4 सितंबर तक होगा नैक मूल्यांकन
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल) की टीम काशी विद्यापीठ का मूल्यांकन करने एक सितंबर को आएगी। दो से चार सितंबर तक विश्वविद्यालय का मूल्यांकन होगा। इसके बाद काशी विद्यापीठ की ग्रेडिंग की जाएगी। यूजीसी ने नैक मूल्यांकन के लिए काशी विद्यापीठ की ओर से प्रस्तावित तिथि पर मुहर लगा दी है। 103 वर्ष पुराने विश्वविद्यालय महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को पिछले नैक मूल्यांकन में ‘सी’ ग्रेड मिला था।
नैक मूल्यांकन की तिथियां इससे पहले दो बार टाली जा चुकी हैं। पहले 25 मई तक नैक मूल्यांकन होना था, लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पीयर टीम का दौरा टल गया। तय किया गया कि चार जून की मतगणना के बाद टीम आएगी। लेकिन, 22 जून को कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी का कार्यकाल खत्म हाेने के कारण स्थायी कुलपति की नियुक्ति का इंतजार होने लगा। बाद में राजभवन ने प्रो. त्यागी को ही दोबारा कुलपति बना दिया गया।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नैक की तैयारी तेज कर दीं। कई दौर की बैठकों के बाद विश्वविद्यालय ने नैक मूल्यांकन के लिए तिथियां प्रस्तावित कीं। नैक टीम ने दो, तीन और चार सितंबर को नैक मूल्यांकन की तिथि तय की हैं। टीम एक सितंबर को विश्वविद्यालय पहुंच जाएगी। उस दिन शाम सात बजे विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारियों संग बैठक के बाद दो सितंबर से विश्वविद्यालय का मूल्यांकन शुरू करेगी।