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BHU: जर्मन भाषा के 10 छात्र नौकरी, प्रशिक्षण के लिए जाएंगे जर्मनी, मैकडोनाल्ड्स में करेंगे काम; जानें खास
Tue, 23 Sep 2025 06:13 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Tue, 23 Sep 2025 06:13 AM IST
सार
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के जर्मनी में प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद मैकडोनाल्ड्स कंपनी में काम भी कर सकते हैं। यहां ट्रेनिंग के हिसाब से इन लोगों को काम दिया जाएगा।
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बीएचयू में जेंडर-विशेष संवाद पर संगोष्ठी को संबोधित करतीं वक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएचयू कला संकाय के जर्मन भाषा विभाग के 10 छात्र नौकरी और प्रशिक्षण के लिए जर्मनी जाएंगे। ये सभी छात्र-छात्राएं जर्मनी के मैकडोनाल्ड्स कंपनी में काम करेंगे। जर्मन विभाग की डॉ. ज्योति शर्मा की ओर से इन छात्रों को जर्मनी में काम करने का अवसर मिला है। अब इनको जर्मनी भेजने की तैयारी कर रही हैं। जर्मनी जाने वाले विद्यार्थियों के नाम भी जारी कर दिए गए हैं।
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मेघा, आलोक और निहारिका दो महीने के लिए, शेषन, साक्षी, हर्ष व चारू आठ महीने तक और अनुज, सेजल व सतीश स्थायी तौर पर जर्मनी में रहकर काम करेंगे। वहां पर इन्हें स्टाइपेंड और मुफ्त आवास की भी सुविधा मिलेगी। काम के घंटे के अनुसार वेतन दिया जाएगा। वहां इनका ट्रेनिंग सेशन भी चलेगा।
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बीएचयू यूजी में चार राउंड की नियमित काउंसिलिंग के बाद ही जर्मन की सभी 30 सीटें भर गईं थीं। वहीं, जर्मन एमए के लिए मॉप अप राउंड के पहले सिर्फ 8-10 सीटें ही खाली थीं। यहां यूजी की 30 और पीजी की 20 सीटें हैं। हालांकि, कई भाषाओं में 50 से 70 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं।
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जर्मन विभाग की डॉ. ज्योति शर्मा ने बताया कि यूरोप के कई देशों में जर्मन बोली जाती है। इस वजह से इसमें रुझान बेहतर है। एनईपी के तहत अब जर्मन मेजर के साथ ही माइनर विषय के रूप में भी उपलब्ध है। डॉ. ज्योति शर्मा ने कहा कि तीन दिन पहले बीएचयू में जेंडर-विशेष संवाद पर संगोष्ठी भी की गई। इसमें कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी समेत देश भर के विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक और सामाजिक परिदृश्य में जर्मन का महत्व बढ़ रहा है।