उभ्भा गांव में गूंजा 'लाल सलाम', सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए सोनभद्र पहुंचे भीम आर्मी चीफ
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सोनभद्र पुलिस प्रशासन की सारी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मंगलवार को भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उभ्भा गांव पहुंच गए। वह मिर्जापुर जिले के कलवारी गांव के रास्ते से होकर उभ्भा गांव में पहुंचे। उनके साथ दो चारपहिया वाहन और आधा दर्जन बाइक से करीब दो दर्जन पार्टी पदाधिकारी थे। प्रस्थान करते समय इन लोगों ने जय भीम और लाल सलाम के नारे भी लगाए।
बिना पूर्व सूचना के शाम 4:15 बजे अचानक उभ्भा गांव में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पहुंचे। चंद्रशेखर के पहुंचने का अंदेशा पुलिस प्रशासन को कत्तई नहीं था। सबसे पहले वह अपने पदाधिकारियों के साथ रामराज के घर के पास पहुंचे।
वहां चंद्रशेखर ने मृतकों के बारे में ग्रामीणों से पूछा और उनके परिजनों से मिलने की बात कही। उन्होंने मौके पर ग्रामीणों से रामराज व पूर्व प्रधान बहादुर आदि लोगों से मिलने के लिए कहा, लेकिन मौके पर गोंड पक्ष के अधिकांश लोग नहीं मिले। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद ने मौके पर मौजूद ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों से ही घटना की जानकारी ली।
चंद्रशेखर ने इस नरसंहार के लिए सरकार व प्रशासन को जिम्मेदार बताया और ग्रामीणों से कहा पूरी भीम आर्मी उभ्भा के दलितों और आदिवासियों के साथ है। उनके लिए हर तरह की लड़ाई लड़ने को हम तैयार हैं। इसके बाद आनन-फानन में चंद्रशेखर आजाद वहां से चले गए।
चंद्रशेखर मात्र 15 मिनट तक उभ्भा गांव में रहे। वापस लौटते समय चंद्रशेखर और उनके साथियों ने जमकर लाल सलाम और जय भीम के नारे लगाए। उधर रावण के उभ्भा गांव पहुंचने और वहां से रवानगी की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
इस मौके पर भीम आर्मी के पूर्वांचल प्रभारी पीके सागर, भदोही जिलाध्यक्ष सौरभ गौतम, मिर्जापुर जिलाध्यक्ष मुकेश सक्सेना, फैजाबाद जिलाध्यक्ष दिवेश कुमार, वाराणसी जिलाध्यक्ष दशानन, चंदौली जिलाध्यक्ष चंद्रबली भास्कर शामिल रहे।