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जिले के सौ गांवों में बहेगी बीएचयू की ज्ञानगंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 24 May 2016 02:06 AM IST
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बीएचयू के शताब्दी वर्ष पर सौ गांवों को गोद लेने की प्रक्रिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुरू कर दी है। इसके तहत काशी विद्यापीठ ब्लॉक के सौ गांवों को गोद लेने की तैयारी है। इस ब्लॉक के गांवों को स्वस्थ और साक्षर बनाने की दिशा में बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान की अहम भूमिका होगी। कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने इस प्रोजेक्ट का चेयरमैन आईएमएस के निदेशक प्रो. वीके शुक्ला को बनाया है। वहीं इसके कोऑर्डिनेटर कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. एसपी सिंह हैं।
बीएचयू के शताब्दी वर्ष पर सौ गांवों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जोड़ने की जिम्मेदारी सौ शिक्षकों को दी जा रही है। सौ शिक्षकों की 25 टीमें गठित की जाएंगी। एक टीम में चार सदस्य होंगे और एक टीम के हिस्से गांव भी आएंगे। इन टीम के अलावा हर गांव में दो वॉलेंटियर्स भी होंगे। ये वॉलेंटियर्स गांवों के ही होंगे। अभी फिलहाल टीम का गठन किया जा रहा है।
गांवों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही चिह्नित गांवों में कैसे कार्य किया जाना है इसका भी खाका तैयार किया जा रहा है। इसकी लाइन टू लाइन रिपोर्ट बनाई तैयार की जा रही है। रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद विश्वविद्यालय की ओर बजट जारी होने के बाद ही काम को शुरू कर पाना संभव होगा। प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि इन गांवों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। अभियान का मुख्य फोकस जीवनशैली में सुधार, स्वच्छता, साफ पेयजल, एचआईवी, टीबी, मातृ शिशु स्वास्थ्य आदि होगा। स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
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बीएचयू के शताब्दी वर्ष पर सौ गांवों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जोड़ने की जिम्मेदारी सौ शिक्षकों को दी जा रही है। सौ शिक्षकों की 25 टीमें गठित की जाएंगी। एक टीम में चार सदस्य होंगे और एक टीम के हिस्से गांव भी आएंगे। इन टीम के अलावा हर गांव में दो वॉलेंटियर्स भी होंगे। ये वॉलेंटियर्स गांवों के ही होंगे। अभी फिलहाल टीम का गठन किया जा रहा है।
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गांवों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही चिह्नित गांवों में कैसे कार्य किया जाना है इसका भी खाका तैयार किया जा रहा है। इसकी लाइन टू लाइन रिपोर्ट बनाई तैयार की जा रही है। रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद विश्वविद्यालय की ओर बजट जारी होने के बाद ही काम को शुरू कर पाना संभव होगा। प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि इन गांवों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। अभियान का मुख्य फोकस जीवनशैली में सुधार, स्वच्छता, साफ पेयजल, एचआईवी, टीबी, मातृ शिशु स्वास्थ्य आदि होगा। स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
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