प्रगट भए प्रभु राम, अवध बनी काशी में बधाई
मठों, मंदिरों में रामजन्म का उत्सव बच्चों, महिलाओं के लिए खुशियों का खजाना बनकर आया। कश्मीरीगंज (खोजवा) के राममंदिर में नौ दिन से चल रहे वाल्मीकि रामायण और राम चरित मानस के पाठ पूरे हुए।संतों, भक्तों की भीड़ दिन के 11 बजे तक खचाखच उमड़ पड़ी। 12 बजते ही घंटा-घड़ियाल, शंख ध्वनि के साथ बैंडबाजा बजने लगा। घी-बाती से सुसज्जित 108 थालियों से प्रभु श्रीराम की आरती उतारी जाने लगी। मुहल्ले की अन्नपूर्णा, गीता पाल, बेबी, कमला रानी, शांति, सुशीला समेत तमाम महिलाएं सोहर गीतों पर थिरकने लगीं। भए प्रगट कृपाला... के लयबद्ध गगनभेदी स्वर गूंजने लगे। मंगल गीतों से समूचे वातावरण को राममय, आनंदमय बना दिया गया।
स्वामी राघवदास की मौजूदगी में भगवान राम की महिमा का बखान हुआ। शाम को भजन संध्या में भक्त झूमते रहे। इसी तरह पंचगंगा घाट स्थित श्रीमठ, अस्सी के पंजाबी भगवान आश्रम स्थित राम जानकी मंदिर के अलावा पातालपुरी मठ नगरहरपुरा में संत बालक दास के सानिध्य में राम जन्म की झांकी सजाई गई। सतुआ बाबा आश्रम, चौकाघाट हनुमान मंदिर, राजघाट स्थित राम मंदिर में भगवान राम के प्राकट्य की झांकियां सजाई गईं।