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Varanasi: सुबह साढ़े तीन बजे थाने पहुंची एनआईए की टीम, नहीं हुई किसी को भनक, ये है छापेमारी की पूरी कहानी

Thu, 07 Sep 2023 12:37 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Thu, 07 Sep 2023 12:37 PM IST
सार

मकान मालिक की मां विद्यावती देवी ने कहा कि बीएचयू में पढ़ने वाली तीन लड़कियां रहती हैं। करीब चार महीने से किराये पर हैं। लड़कियां अच्छी हैं। उनके कमरे पर किसी का बहुत आना-जाना नहीं होता है। 

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Bhagat Singh Chhatra Morcha BHU unit president Akanksha and co-secretary are interrogated by NIA with Siddhi
एनआईए की पूछताछ के दौरान भगत सिंह छात्र मोर्चा की छात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एनआईए की पूछताछ के बाद आकांक्षा ने कहा कि आवास का दरवाजा एनआईए की टीम ने सुबह 5:30 बजे खटखटाया। कमरों की तलाशी और लैपटॉप को खंगालने के काफी देर बाद एनआईए के अफसरों ने कहा कि हमें शक है कि आप माओवादियों के संपर्क में हैं। इसके बाद कमरे में मिली पत्रिकाओं, पंफलेट, पर्चों, रसीदों सहित अन्य सामग्रियों के बारे में पूछताछ की गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे एनआईए की टीम फ्लैट से बाहर चली गई।

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मीडिया में बयान नहीं देगा कोई
एनआईए की सात सदस्यीय टीम मंगलवार की तड़के 3:30 बजे लंका थाने पहुंची। लंका और चितईपुर थाने की फोर्स को साथ लिया, फिर आकांक्षा आजाद के ठिकाने पर छापा मारा। एनआईए की टीम ने पुलिस कर्मियों से कहा कि कोई भी किसी तरह का बयान मीडिया को नहीं देगा। आवास पर किसी को नहीं आने दिया जाएगा। शांति व्यवस्था बरकरार रखनी है। इसके बाद दो महिला सब इंस्पेक्टर और सात कांस्टेबल के साथ एनआईए की टीम ने आकांक्षा के आवास में प्रवेश किया। बाहर पांच सब इंस्पेक्टर और 10 कांस्टेबल के साथ चितईपुर थानाध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्रा तैनात रहे।
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समर्थन में आए तीन छात्रों को पुलिस ने लौटाया
एनआईए के छापे की जानकारी पाकर भगत सिंह छात्र मोर्चा से जुड़े तीन छात्र पहुंच गए। तीनों का कहना था कि आकांक्षा से मिलना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने तीनों को रोक दिया।
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Bhagat Singh Chhatra Morcha BHU unit president Akanksha and co-secretary are interrogated by NIA with Siddhi
NIA की पूछताछ के बाद BHU की दो छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
पार्षद ने कहा- तत्काल आवास खाली करें, अपशब्दों का प्रयोग किया
एनआईए की टीम आकांक्षा आजाद के आवास से बाहर निकली तो कॉलोनी के लोग मौके पर जुट गए। करौंदी वार्ड के पार्षद श्याम भूषण शर्मा ने मकान मालिक से कहा कि तत्काल आवास खाली कराएं। आरोप है कि पार्षद ने आपत्तिजनक बात भी कही। इस पर बीएचयू की छात्रा आकांक्षा और सिद्धि आपत्ति ने जताई तो स्थिति हंगामेदार हो गई। चितईपुर थाने की पुलिस ने पार्षद और छात्राओं के साथ ही मौके पर मौजूद अन्य लोगों को हटाया और सभी को शांतिपूर्ण तरीके से रहने के लिए कहा। एहतियातन मौके पर क्यूआरटी तैनात की गई है।

अच्छे से रहती हैं बीएचयू की छात्राएं

मकान मालिक की मां विद्यावती देवी ने कहा कि बीएचयू में पढ़ने वाली तीन लड़कियां रहती हैं। करीब चार महीने से किराये पर हैं। लड़कियां अच्छी हैं। उनके कमरे पर किसी का बहुत आना-जाना नहीं होता है। इनसे कोई दिक्कत नहीं है। छापे के दौरान क्या हुआ, इस सवाल पर बुजुर्ग विद्यावती देवी ने कहा कि हम तो खुद ही कैद थे। हमें क्या पता कि क्या हुआ और क्या नहीं हुआ।

 

Bhagat Singh Chhatra Morcha BHU unit president Akanksha and co-secretary are interrogated by NIA with Siddhi
NIA की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला

घबराए कॉलोनी के लोग
लखनऊ व बिहार नंबर की दो गाड़ियों से आई एनआईए की टीम व पुलिस की मौजूदगी से महामनापुरी कॉलोनी के लोग घबराए हुए थे। कॉलोनी की संकरी सड़क में एनआईए के दो वाहन खड़े होने के कारण लोगों को आने-जाने में असुविधा भी हो रही थी। जब तक एनआईए की टीम आकांक्षा और सिद्धि के आवास पर रही, तब तक जितने मुंह उतनी चर्चाओं का दौर चलता रहा।

कोई डरा नहीं सकता, आवाज उठाते रहेंगे
एनआईए की टीम के जाने के बाद बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय से एमफिल कर रही आकांक्षा आजाद ने बताया कि वह झारखंड के गिरीडीह की रहने वाली हैं। उनके साथ सामाजिक विज्ञान संकाय की एमए की छात्रा व चौकाघाट क्षेत्र की सिद्धि और नई दिल्ली की इप्शिता रहती हैं। इप्शिता फिलहाल घर गई है। बीते 27 अगस्त को देश भर में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आवाज बुलंद की थी। इसके एक सप्ताह बाद तीन राज्यों की एनआईए की टीम ने छापा मारा। इसका विरोध करते हैं। कोई हमें डरा नहीं सकता है। देश में नया ट्रेंड चल पड़ा है। जब कोई सत्ता के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे नक्सली या आतंकवादी घोषित करने की मुहिम शुरू हो जाती है। आगे भी छात्र हित और समाज हित के लिए लड़ते रहेंगे।

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