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बनेगा सेंटर, जहां जान सकेंगे काशी को
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Fri, 16 Jan 2015 01:57 AM IST
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बाहर से आने वाले सैलानियों और श्रद्धालुओं को काशी की ऐतिहासिकता और पौराणिकता के साथ ही यहां के विशिष्ट खान-पान और कला-संगीत से परिचित कराने वाला एक केंद्र जल्द ही यहां विकसित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम को जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान इस केंद्र की रूपरेखा पर चर्चा की। नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिया कि हेरिटेज सिटी डेवलेपमेंट एंड आग्मेंटशन योजना (हृदय) के तहत काशी की धरोहरों के संरक्षण के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द से जल्द भेजें।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल रहे नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि शहरी विकास राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में कार्ययोजना पूछी। इस पर मंत्री को बताया गया कि काशी की धरोहरों के आसपास सफाई के संबंध में विस्तृत डीपीआर बनाने के काम नगर निगम द्वारा चयनित संस्था प्लानर इंडिया कर रही है।
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शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने ‘हृदय’ के तहत एक ऐसा सेंटर विकसित करने की बात कही है जहां काशी की धरोहरों, कला, संस्कृति, संगीत, साहित्य, खानपान सहित सभी अन्य विशिष्टताओं की जानकारी आसानी से मिल सके। ताकि बाहरी लोग उस सेंटर पर पहुंच कर काशी की विशेषताओं को जान समझ सकें। अविनाश कुमार ने बताया कि मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि 27-28 जनवरी को ‘हृदय’ के बारे में फिर वीडियो कांफ्रेंसिंग होगी। हालांकि इसके क्रियान्वयन में गंगा किनारे निर्माण पर हाईकोर्ट की लगी रोक फिलहाल एक बड़ी अड़चन बनी हुई है।
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शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान इस केंद्र की रूपरेखा पर चर्चा की। नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिया कि हेरिटेज सिटी डेवलेपमेंट एंड आग्मेंटशन योजना (हृदय) के तहत काशी की धरोहरों के संरक्षण के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द से जल्द भेजें।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल रहे नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि शहरी विकास राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में कार्ययोजना पूछी। इस पर मंत्री को बताया गया कि काशी की धरोहरों के आसपास सफाई के संबंध में विस्तृत डीपीआर बनाने के काम नगर निगम द्वारा चयनित संस्था प्लानर इंडिया कर रही है।
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शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने ‘हृदय’ के तहत एक ऐसा सेंटर विकसित करने की बात कही है जहां काशी की धरोहरों, कला, संस्कृति, संगीत, साहित्य, खानपान सहित सभी अन्य विशिष्टताओं की जानकारी आसानी से मिल सके। ताकि बाहरी लोग उस सेंटर पर पहुंच कर काशी की विशेषताओं को जान समझ सकें। अविनाश कुमार ने बताया कि मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि 27-28 जनवरी को ‘हृदय’ के बारे में फिर वीडियो कांफ्रेंसिंग होगी। हालांकि इसके क्रियान्वयन में गंगा किनारे निर्माण पर हाईकोर्ट की लगी रोक फिलहाल एक बड़ी अड़चन बनी हुई है।