बासमती कोल की हत्या के मामले में आरोपी बरी, कोर्ट ने तत्काल रिहा करने का दिया आदेश
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यूपी के चंदौली के नौगढ़ की पूर्व प्रमुख व राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य रही बासमती कोल की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। अपर सत्र एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम ने काशीनाथ कोल की रिहाई के लिए जिला कारागार वाराणसी में तत्काल रिहाई परवाना भेजने का फरमान भी सुनाया।
नौगढ़ की पूर्व प्रमुख बासमती कोल की बीते 10 मई 2018 को मौत के बाद उसकी बहन श्रीमति कोल, थाना चकरघट्टा में मुकदमा अपराध संख्या 21, वर्ष 2018 पंजीकृत कराया। जिसमें पीड़ित पक्ष ने काशीनाथ कोल पर अपनी बड़ी बहन बासमती कोल को लाठी-डंडे से मारपीट का आरोप लगाया था।
जिससे बासमती कोल की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गयी थी। उक्त मामले में आरोपी काशीनाथ कोल को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उक्त मामले की बीते आठ जुलाई को अपर सत्र न्यायालय एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम की अदालत ने सुनवाई की। इस दौरान न्यायाधीश पुनीत कुमार गुप्ता ने दोनों पक्षों के गवाहों को सुना और उनके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया।
सुनवाई के दौरान जज ने पाया कि आरोपी के खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य से आरोप सिद्ध नहीं होता है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी काशीनाथ कोल को गैरइरादत हत्या के मामले में दोषमुक्त करार दिया।
कोर्ट ने आदेश दिया कि अभियुक्त का रिहायी परवाना तत्काल जिला कारागार वाराणसी भेजा जाए और अभियुक्त एक सप्ताह के अंदर 25-25 हजार रुपये की दो जमानतें और उसकी राशि का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करे। अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता ने मनोज कुमार दुबे ने न्यायालय में तर्क प्रस्तुत किया।