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वाराणसी: पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित खिलाड़ी के अपमान पर बोलीं बॉस्केटबॉल खिलाड़ी प्रशांति सिंह- बेहद गैर जिम्मेदाराना हरकत

Thu, 22 Jul 2021 05:14 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 22 Jul 2021 05:14 PM IST
सार

वाराणसी में तीन साल पहले कचहरी चौराहे से एलटी कॉलेज तक की सड़क मोहम्मद शाहिद के नाम पर रखी गई थी। जिसकी पहचान के लिए कचहरी चौराहे पर एक शिलापट्ट लगा है। इसे पिछले साल ही उखाड़कर वहां ऑटो रिक्शा स्टैंड बना दिया गया है। इस मामले पर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिस को प्रशांति सिंह ने ट्वीट किया है।

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Basketball player Prashanti Singh tweet on insult of Padma Shri and Arjuna Awardee md shahid said extremely irresponsible act
बॉस्केटबॉल खिलाड़ी प्रशांति सिंह। - फोटो : ट्विटर

विस्तार

पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित एशियाई और ओलंपिक खेलों में देश को पदक दिलाने वाले भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद शाहिद के अपमान पर बॉस्केटबाल की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रशांति सिंह ने भी ट्वीट किया है। वाराणसी में तीन साल पहले कचहरी चौराहे से एलटी कॉलेज तक की सड़क मोहम्मद शाहिद के नाम पर रखी गई थी। जिसकी पहचान के लिए कचहरी चौराहे पर एक शिलापट्ट लगा है। इसे पिछले साल ही उखाड़कर वहां ऑटो रिक्शा स्टैंड बना दिया गया है।

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 पद्म श्री व अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित प्रशांति सिंह ने कहा कि शिलापट्ट को हटाया जाना बेहन गैर जिम्मेदाराना हरकत है। उन्होंने इसे पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित मोहम्मद शाहिद का अपमान बताया है। दुनिया ओलंपियन और ओलंपिक का जश्न मना रही है और दूसरी ओर एक सर्वकालिक महान हॉकी जादूगर स्वर्गीय मोहम्मद शाहिद के प्रति अपमानजनक रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने पीएम मोदी, यूपी के खेल मंत्री, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी टैग करते हुए उनसे इस मामले पर संज्ञान लेने की अपील की है।
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पत्नी ने बयां किया दर्द
पूर्व ओलंपियन पद्मश्री मोहम्मद शाहिद की पत्नी परवीन ने मंगलवार को पति की पांचवीं बरसी पर उनको याद करते हुए अपना दर्द बयां किया। परवीन बताती हैं कि पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित एशियाई और ओलंपिक खेलों में देश को पदक दिलाने वाले भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान को याद करना तक भूल गए।

Basketball player Prashanti Singh tweet on insult of Padma Shri and Arjuna Awardee md shahid said extremely irresponsible act
उखड़ी पड़ी शिलापट्ट। - फोटो : अमर उजाला

पांच साल पहले पति के निधन के बाद बेटे को अनुकंपा के आधार पर बरेका में नौकरी तो मिली, लेकिन 2020 में उसे हटा दिया गया। जिसे फिर से बहाल कराने के लिए बरेका के चक्कर काटने को मजबूर हूं। साल भर से निशानेबाज बेटे की शैक्षिक योग्यता के मुताबिक नौकरी के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रही हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। सरकारों ने भी कई वादे किए थे, लेकिन पूरा किसी ने नहीं किया।

Basketball player Prashanti Singh tweet on insult of Padma Shri and Arjuna Awardee md shahid said extremely irresponsible act
पद्मश्री मोहम्मद शाहिद को याद करतीं परवीन। - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि शिलापट्ट उखाड़कर एक देश के एक ओलंपियन खिलाड़ी के साथ अपमानजनक और शर्मनाक है। इधर, बरेका में 30 साल तक क्रीड़ा अधिकारी रहे शाहिद के निधन के बाद बरेका खेल मैदान को मोहम्मद शाहिद का नाम देने का एक बोर्ड तो लगा, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने बकायदा मंजूरी भी दी थी। 

ये हैं उपलब्धियां
शाहिद 1980 में मास्को में हुए ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे। इसके अलावा वह 1982 के एशियन गेम्स में रजत पदक और 1986 के एशियाड खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के भी सदस्य थे। उन्हें 1980-81 में अर्जुन पुरस्कार और 1986 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। हॉकी को एक नया ड्रिबलिंग शॉट देने वाले शाहिद को उनकी खेल कला की बदौलत उन्हें द मैन ऑफ स्किल मोहम्मद शाहिद का भी खिताब मिला था।

पदक वापस करने के फैसले बाद शुरू हो पाई थी राष्ट्रीय प्रतियोगिता
20 जुलाई 2016 में ओलंपियन शाहिद के निधन के बाद से परिवार उपेक्षा का शिकार रहा है। 2018 में उनके नाम से प्रतियोगिता की मांग उठी। मांग पूरी न होने पर पत्नी ने शाहिद के सभी पदक लौटाने का ऐलान कर दिया था। हालांकि बाद में खेल विभाग और ओलंपिक संघ के आश्वासन के बाद परिवार मान गया। जिसके बाद मोहम्मद शाहिद के नाम से दो साल राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं हुईं जो फिलहाल साल भर से कोरोना के कारण स्थगित है।

इस बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं। यदि परवीन और उनके बेटे को कोई दिक्कत परेशनी है तो वो बरेका के जनसंपर्क कार्यालय में आकर अपनी समस्या रख सकते हैं। - राजेश कुमार जनसंपर्क अधिकारी, बरेका 

शिलापट्ट हटाने की जानकारी अभी नगर निगम को नहीं थी। आपके माध्यम से जानकारी मिली है, जल्द ही इसे दुरुस्त कराया जाएगा। - देवी दयाल वर्मा, अपर नगर आयुक्त 

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