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वाराणसी: बेसिक शिक्षा परिषद
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को इस बार किताबों के लिए इंतजार नहीं करना होगा। शुक्रवार को जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नए सत्र की 40 फीसदी किताबें पहुंच र्गइं। कक्षा छह से लेकर आठ तक क ी अलग-अलग विषयों की किताबें इसमें शामिल हैं।
विभाग ने नवंबर 2022 से ही पुस्तकों के छपने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। टेंडर के बाद 90 दिन के भीतर किताबें स्कूलों में पहुंचानी होती हैं। टेंडर समय पर होने के कारण इस बार फरवरी से किताबें आनी लगी हैं। मार्च तक पूरी किताबें पहुंचने की उम्मीद है। बीते साल किताबों के वितरण में भारी लापरवाही सामने आई थी। स्थिति ये थी कि कई विद्यालयों तक किताबें पहुंची ही नहीं, बिना किताबों के ही बच्चों को स्कूल जाना पड़ा था। इस वर्ष महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद ने सभी जिलों में फरवरी तक किताबें पहुंचाने का लक्ष्य दिया है।
अप्रैल से शुरू होगा सत्र
अप्रैल से नया सत्र शुरू होता है। ऐसे में मार्च खत्म होने के साथ विद्यालयों तक किताबें पहुंचाई जाएंगी। ताकि सत्र की शुरुआत में किसी प्रकार की बाधा न आए। किताबें पहुंचाने के लिए टीम का गठन किया गया है।
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प्रूफ रीडिंग के बाद शुरू होगा वितरण
किताबें जिले में पहुंचने के बाद उनकी प्रूफ रीडिंग करवाई जाएगी। पूरी प्रक्रिया में सात दिन लगेंगे। पहले चरण में प्रदेश के 20 जिलों में किताबें भेज दी गई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद पाठक ने बताया कि कक्षा एक से आठ तक की पहली खेप पहुंच गई है। मांग के मुताबिक अन्य किताबें भी जल्द ही जिले में पहुंच जाएंगी।
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विभाग ने नवंबर 2022 से ही पुस्तकों के छपने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। टेंडर के बाद 90 दिन के भीतर किताबें स्कूलों में पहुंचानी होती हैं। टेंडर समय पर होने के कारण इस बार फरवरी से किताबें आनी लगी हैं। मार्च तक पूरी किताबें पहुंचने की उम्मीद है। बीते साल किताबों के वितरण में भारी लापरवाही सामने आई थी। स्थिति ये थी कि कई विद्यालयों तक किताबें पहुंची ही नहीं, बिना किताबों के ही बच्चों को स्कूल जाना पड़ा था। इस वर्ष महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद ने सभी जिलों में फरवरी तक किताबें पहुंचाने का लक्ष्य दिया है।
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अप्रैल से शुरू होगा सत्र
अप्रैल से नया सत्र शुरू होता है। ऐसे में मार्च खत्म होने के साथ विद्यालयों तक किताबें पहुंचाई जाएंगी। ताकि सत्र की शुरुआत में किसी प्रकार की बाधा न आए। किताबें पहुंचाने के लिए टीम का गठन किया गया है।
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प्रूफ रीडिंग के बाद शुरू होगा वितरण
किताबें जिले में पहुंचने के बाद उनकी प्रूफ रीडिंग करवाई जाएगी। पूरी प्रक्रिया में सात दिन लगेंगे। पहले चरण में प्रदेश के 20 जिलों में किताबें भेज दी गई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद पाठक ने बताया कि कक्षा एक से आठ तक की पहली खेप पहुंच गई है। मांग के मुताबिक अन्य किताबें भी जल्द ही जिले में पहुंच जाएंगी।