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बेसिक शिक्षा परिषद: गड़बड़ियों की पोटली बने पारदर्शिता के लिए तैयार पोर्टल, अभिभावक और कर्मचारी परेशान

Mon, 02 Aug 2021 03:54 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 02 Aug 2021 03:54 PM IST
सार

पोर्टल पर काम करने के लिए विभाग ने संसाधन मुहैया नहीं कराया है। प्रधानाध्यापकों को टैबलेट देने की घोषणा हुई थी, जो आज तक मूर्त रूप नहीं ले सकी। शिक्षकों को वेतन देने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने मानव संपदा पोर्टल लांच किया था, लेकिन पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा। 

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Basic Education Department portal ready for transparency but became  bundle of errors parents and employees upset
मानव संपदा, प्रेरणा, आरटीई पोर्टल का भी यही हाल - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

बेसिक शिक्षा परिषद की सूचनाओं के आदान प्रदान में तकनीक का प्रयोग विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से जो पोर्टल विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए लॉन्च किया गया था। उस पोर्टल पर ज्यादातर समय एरर बता रहा है। विभाग में पोर्टल पर गलत डाटा फीडिंग से कई बार गड़बड़ियां हो चुकी हैं। 

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कस्तूरबा विद्यालय में प्रधानाध्यापकों ने बिना छात्राओं की उपस्थिति के भोजन, मेडिकल केयर और शिक्षण सामग्री के मद में 37 लाख रुपये का भुगतान दिखा दिया था। प्रदेश के 46 जिलों के परिषदीय विद्यालय में निर्माण कार्य के नाम पर जारी करोड़ों रुपये का कोई हिसाब नहीं मिल पा रहा है। 10 करोड़ रुपये सिर्फ वाराणसी में ही जारी हुए है।
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 विद्यालयों में नेटवर्क नहीं आना एक बड़ी समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों को नेट की उपलब्धता नहीं होने से भी परेशानी होती है। पोर्टल ठीक से काम न करने के कारण आंकड़ों में गड़बड़ी होती है। पोर्टल पर काम करने के लिए विभाग ने संसाधन मुहैया नहीं कराया है। प्रधानाध्यापकों को टैबलेट देने की घोषणा हुई थी, जो आज तक मूर्त रूप नहीं ले सकी।

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शिक्षकों को वेतन देने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने मानव संपदा पोर्टल लांच किया था, लेकिन पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा। इससे शिक्षकों को समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है। आरटीई पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते अभिभावकों को आवेदन में परेशानी होती है।

वहीं, कर्मचारियों को बच्चों व विद्यालय का डाटा भरने में दिक्कतें होती हैं। अभिभावकों के खाते में यूनिफार्म व जूते मोजे का पैसा भेजने के लिए विभाग ने प्रेरणा पोर्टल पर बच्चों व अभिभावकों का आंकड़ा मांगा था, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका।

बीएसए राकेश सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा तैयार पोर्टल में कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें आ रही हैं। इससे राज्य परियोजना कार्यालय को अवगत कराया गया है। जल्द ही पोर्टल ठीक होने पर विभागीय कार्यों को पूरा कराया जाएगा। 

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