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बैंकों में ताला लटकने से ठप रहा कामकाज, करोड़ों का कारोबार प्रभावित

Thu, 27 Dec 2018 11:55 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: shashikant misra Updated Thu, 27 Dec 2018 11:55 AM IST
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Bank employees strike on today and trade influenced
बैंक कर्मियों की हड़ताल - फोटो : amar ujala
वेतन विसंगति, पेंशन सहित अन्य समस्याओं को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बुधवार को बैंकों में तालाबंदी रही। इस दौरान खाते में जमा-निकासी, बैंक ड्राफ्ट बनवाने आदि बैंकिंग के  कामकाज के लिए गए लोगों को निराश लौटना पड़ा। हड़ताल की वजह से वाराणसी जिले में करीब 400 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ और दस हजार चेकों का क्लीयरेंस भी नहीं हो सका।
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इस दौरान करेंसी चेस्ट भी नहीं खुले, जिससे एटीएम में कैश भी नहीं डाला जा सका। आल इंडिया बैंक इंप्लाइज कंफडरेशन के आह्वान पर छह दिन के भीतर बैंकों की यह दूसरी हड़ताल है, जब पूरी तरह से कामकाज ठप रहा। इसका असर शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगे एटीएम पर भी देखने को मिला। कई जगहों पर एटीएम पर नगदी संकट होने की वजह से लोगों को कैश के लिए भागदौड़ भी करनी पड़ी।
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पिछले सप्ताह 21 दिसंबर से शुरू हड़ताल के बाद 22 को चौथा शनिवार, 23 को रविवार अवकाश रहा। 24 दिसंबर को बैंक खुला भी तो 25 को क्रिसमस अवकाश और 26 दिसंबर को फिर कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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एसबीआई की कचहरी स्थित मुख्य शाखा, यूनियन बैंक, बैंक आफ बड़ौदा क्षेत्रीय कार्यालय के साथ ही पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक आदि शाखाओं पर ताले लटकते रहे। यहां अधिकारियों, कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में नारेबाजी की।

कंफडरेशन के संगठन मंत्री अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार द्वारा बैंकों के विरोध में लिए जाने वाले निर्णयों के खिलाफ ही हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगें नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जाने को बाध्य होंगे। उधर यूनियन बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष शिवनाथ यादव के नेतृत्व में बैंक कर्मियों ने धरना देकर अपनी आवाज बुलंद की। 

 

निजी बैंकों, एटीएम पर रही भीड़

एक ओर जहां राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल रहीं, वहीं निजी बैंक खुले रहे। यहां खातों में लेन-देन, चेक जमा करने वालों की भीड़ लगी रही। इसके अलावा शहर के लहुराबीर, सिगरा, मलदहिया, सुंदरपुर, लंका, भिखारीपुर आदि जगहों पर एटीएम पर कैश के लिए भी लोग लाइन में लगे रहे।

हड़ताल की वजह से बैंकों के करेंसी चेस्ट भी नहीं खुले, इस वजह से कैश भी समय से नहीं डाला जा सका। अग्रणी बैंक प्रबंधक मिथिलेश कुमार के मुताबिक कुछ निजी एजेंसियों की मदद से एटीएम में कैश डाला गया, जिसके बाद लोगों को राहत हुई।

पूर्वांचल की बात करें तो जौनपुर में 215 करोड़, मिर्जापुर और चंदौली में 200-200 करोड़, गाजीपुर और आजमगढ़ में सौ-सौ करोड़, सोनभद्र और मऊ में 80-80 करोड़, बलिया में 75 करोड़, भदोही में 20 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।

बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के कारण चेकों का क्लीयरेंस ठप रहा। ड्राफ्ट भी नहीं बने। उधर, हड़ताल की जानकारी न होने से बैंकों पर पहुंचने वाले ग्राहकों को निराश लौटना पड़ा। उधर, बैंक कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों को कोसा।
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