विदेशी भी चखेंगे बनारसी आम का स्वाद, निर्यात की तैयारी में जुटा एपीडा, 10 हजार मीट्रिक टन उत्पान की है उम्मीद
- एपीडा ऑनलाइन साप्ताहिक बैठक में तैयार कर रहा रणनीति।
- मौसम अनुकूल होने से 900 हेक्टेयर 10 हजार मीट्रिक टन दसहरी, लगंडा, चौसा प्रजाति आम के उत्पादन की उम्मीद।
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वाराणसी में मौसम अनुकूल होने से कोरोना काल में इस सीजन आम के उत्पादन अच्छे होने की उम्मीद जताई जा रही है। जिसे देखते हुए निर्यातक किसान और एपीडा तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए विदेशी खरीदारों से मोलभाव और मानकों को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम साप्ताहिक बैठके भी कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) कर रहा है।
जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त के मुताबिक इस सीजन मौसम अनुकूल होने से 900 हेक्टेयर 10 हजार मीट्रिक टन दसहरी, लगंडा, चौसा प्रजाति आम के उत्पादन की उम्मीद। हालांकि कोरोना के कारण स्थानीय बाजार बंद होने इसपर असर पड़ेगा। उधर पिछले साल एपीडा के सहयोग से दर्जनों किसानों के आम के निर्यात में सफलता के बाद इस सीजन भी निर्यात की तैयारियां शुरू हो गई है।
एपीडा के सहायक महाप्रबंधक डॉ सीबी सिंह ने बताया कि इसके लिए विदेशी व्यापारियों, आयातकों, पैकेजिंग संस्थाओं और बनारस के निर्यातक किसानों वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संयुक्त बैठके भी सप्ताह में हो रही है। निर्यातक किसान शार्दुल विक्रम के मुताबिक अभी तक मौसम सही होने से आम का उत्पादन अच्छा है। इस वर्ष भी निर्यात किया जाएगा। जिसके पिछले साल ही स्विट्जरलैंड की निर्यातक कंपनी ने 500 मीट्रिक टन आम की मांग कर चुकी है। कोरोना महामारी से राहत मिलने और हवाई मार्ग सुचारु होने के बाद मांग के अनुसार निर्यात किया जाएगा।
बनारसी लंगड़ा आम हो या चिरईगांव का अमरूद इन दोनों फलों को व्यापारी इस वर्ष फिर से विदेशों में भेजने की तैयारी कर रहे हैं। अभी महामारी अपने प्रचंड रूप में है। फिर भी व्यवसायिक गतिविधियां थमीं नहीं हैं। निर्यात की तैयारी के बाबत बातचीत लगातार जारी है।
कृषि और संसाधित खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहायक महाप्रबंधक सीबी सिंह ने बताया कि बनारसी लंगड़ा आम विदेशों में भेजने के लिए हम तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए एपीडा सप्ताह में दो से तीन दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यापारी, विदेशी खरीदार, शॉर्टिंग और पैकेजिंग संस्था, ट्रांसपोर्टर की मीटिंग करा रहा है। फिलहाल अभी किसी देश से डील फाइनल नहीं हुई है। कोरोना महामारी का कहर कम होने के बाद इस दिशा में तेजी से काम होगा। मौसम भी अभी अनुकूल दिख रहा है। अच्छी फसल भी होने की उम्मीद है।