फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Banarasi handloom arts will be exhibition in Paris Olympics

Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक में दुनिया देखेगी बनारसी हथकरघे का हुनर, पहली बार दिखेगा ये खास नजारा

Mon, 15 Jul 2024 09:20 AM IST
प्रगति चंद ललित शंकर पांडेय, वाराणसी।
ललित शंकर पांडेय, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 15 Jul 2024 09:20 AM IST
सार

Paris Olympics: पेरिस की सरजमीं पर पहली बार दुनिया बनारसी दस्तकारी का हुनर देखेगी। पेरिस ओलंपिक में लोग बनारसी साड़ी की बुनाई करीब से देखेंगे। इसके लिए बनारस के रामनगर का बुनकर परिवार 22 जुलाई के बाद पेरिस के लिए रवाना होगा। 

विज्ञापन
Banarasi handloom arts will be exhibition in Paris Olympics
लकड़ी का हथकरघा दिखाने बुनकर निलेश मौर्य। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोचिए क्या नजारा होगा, जब दुनिया भर में मशहूर बनारसी साड़ी को लोग पेरिस में अपनी आंखों के सामने बुनते देखेंगे। विश्व में पहली बार पेरिस ओलंपिक में बनारसी दस्तकारी के हुनर को लोग करीब से देखेंगे। पेरिस की सरजमीं पर बनारसी साड़ी और वस्त्रों की बुनाई होगी। इसके लिए रामनगर के बुनकर परिवार को चुना गया है। 22 जुलाई को परिवार पेरिस के लिए रवाना होगा। अपने साथ हथकरघा लेकर जाएंगे और हथकरघा पर बनारसी साड़ी और वस्त्रों की बुनाई करेंगे।

विज्ञापन


स्वदेश रिलायंस फाउंडेशन की ओर से पेरिस ओलंपिक में फेयर लग रहा है। उस फेयर में रामनगर के बुनकर निलेश मौर्य नीलू और उनकी बेटी मोनिका मौर्य समेत एक अन्य को आमंत्रित किया गया है। ओलंपिक में फेयर के दौरान हथकरघा पर बनारसी साड़ी की बुनाई करेंगे।
विज्ञापन


दूतावास से वीजा समेत अन्य प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। पिता-पुत्री का एयर टिकट भी हो गया है। 22 जुलाई की शाम पांच बजे वह दिल्ली एयरपोर्ट और फिर उसके बाद सीधी विमान सेवा से पेरिस की सरजमीं पर उतरेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

चौथी और पांचवीं पीढ़ी की विदेश में जमेगी धाक

Banarasi handloom arts will be exhibition in Paris Olympics
लकड़ी का हथकरघा - फोटो : अमर उजाला
निलेश मौर्य ने बताया कि वह चौथी पीढ़ी के हैं जो बनारसी साड़ी की बुनाई हथकरघा पर करते आ रहे हैं। परदादा, दादा और पिता जगरनाथ मौर्य से यह हुनर विरासत में मिला। बेटी मोनिका पांचवीं पीढ़ी की हैं। वह भी बनारसी हुनर को धार दे रही हैं। जीआई उत्पाद में बनारसी साड़ी शामिल है।

प्रदर्शनी के दौरान 20 दिन तक रहेंगे पेरिस में

रिलायंस ग्रुप की ओर से लग रहे फेयर में निलेश मौर्या, उनकी बेटी मोनिका 20 दिन तक पेरिस में रहकर बनारसी हुनर दिखाएंगे। रामनगर के मच्छरहट्टा निवासी निलेश मौर्य ने बताया कि अब तक के जीवन में पहली बार ऐसा है कि किसी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन ओलंपिक में बनारसी साड़ी की बुनाई और प्रदर्शनी का मौका मिला है। 52 साल के बुनकर निलेश मौर्य ने बताया कि दुनिया भर में रिलायंस ग्रुप की ओर से बनारसी साड़ी को पहचान मिल रही है। पेरिस में रहने और ठहरने आदि सभी व्यवस्थाएं रिलायंस ग्रुप की ओर से की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed